ऊना में जिला स्तरीय सुरक्षित निर्माण मॉडल प्रतियोगिता आयोजित, विजेताओं का चयन

rakesh nandan

06/10/2025

उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि सुरक्षित निर्माण आपदा जोखिम न्यूनीकरण का सबसे प्रभावी और स्थायी उपाय है। यदि भवन निर्माण के प्रत्येक चरण में सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए, तो भूकंप, भूस्खलन या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

यह बात उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) ऊना में सुरक्षित निर्माण मॉडल पर आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित होते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में सुरक्षित निर्माण तकनीकों और आपदा-सुरक्षा सिद्धांतों के प्रति व्यवहारिक समझ विकसित करने में सहायक होती हैं।

प्रतियोगिता जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना द्वारा हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से जन-जागरूकता अभियान “समर्थ-2025” के अंतर्गत आयोजित की गई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में सुरक्षित निर्माण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जोखिमपूर्ण परिस्थितियों से निपटने की क्षमता विकसित करना तथा आपदा-संवेदनशील क्षेत्रों में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


प्रतियोगिता विवरण और विजेता

  • हाई स्कूल स्तर:

    • प्रथम: सूर्यांश (रावमापा पिरथीपुर)

    • द्वितीय: चाहत और सिमरन (कांगड़ स्कूल)

    • तृतीय: सोनाक्षी (राजकीय उच्च पाठशाला बुढवार)

  • वरिष्ठ माध्यमिक स्तर:

    • प्रथम: तानिया और मनत (रावमापा कलोह)

    • द्वितीय: सूरज शर्मा (रावमापा मंदली)

    • तृतीय: मनप्रीत (रावमापा छात्रा ऊना)

  • कॉलेज स्तर:

    • प्रथम: नितिश कुमार और काशवी धीमान (एसवीएसडीपीसी कॉलेज भटोली)

प्रतियोगिता में हाई स्कूल 5 मॉडल, वरिष्ठ माध्यमिक 4 मॉडल और कॉलेज 1 मॉडल प्रदर्शित किए गए, जिनमें से श्रेष्ठ मॉडल का चयन हुआ।

विजेता प्रतिभागी आगामी 7-8 अक्तूबर को साइंस म्यूजियम, आनंदपुर शोघी में आयोजित राज्य स्तरीय सुरक्षित निर्माण मॉडल प्रतियोगिता में भाग लेंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागी अपना मॉडल रिज मैदान, शिमला में आयोजित आपदा न्यूनीकरण प्रदर्शनी ‘समर्थ-2025’ में प्रदर्शित करेंगे, जहां उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

प्रतियोगिता में उपायुक्त ऊना, पीओ (डीआरडीए), लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, प्रधानाचार्य सुरेंद्र कौंडल और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।