वित्तीय क्षेत्र में अदावाकृत संपत्ति और निष्क्रिय खातों के निपटान के लिए RBI द्वारा 1 अक्तूबर से 31 दिसंबर 2025 तक चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, बिलासपुर में उप-बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अग्रणी जिला प्रबंधक चंद्रशेखर यादव ने की।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले में 46,784 खातों में कुल 14.02 करोड़ रुपये अदावाकृत पड़े हैं, जिन्हें पुनः सक्रिय करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रगति रिपोर्ट के अनुसार अब तक बैंकों द्वारा लगभग 55 लाख रुपये और बीमा कंपनियों द्वारा 15 लाख रुपये के दावे निपटाए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना और ग्राहकों को उनके भूले-बिसरे खातों, बीमा दावों और जमा राशि का लाभ दिलाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी चुनौती है, इसलिए बैंकों को जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि दावा प्रक्रिया सरल है —
ग्राहक बैंक शाखा में क्लेम फॉर्म, आधार कार्ड/वोटर आईडी और वारिस क्लेम के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज जमा कर आसानी से अपनी राशि प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।