सर्दी के मौसम को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने हीटर, केरोसिन हीटर एवं कोयले की अंगीठी के सुरक्षित उपयोग को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष जतिन लाल ने कहा कि इन उपकरणों का लापरवाही से उपयोग आग लगने एवं गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। उन्होंने जिलावासियों से अपील की कि सर्दियों के दौरान हीटिंग उपकरणों का उपयोग पूरी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ किया जाए।
शॉर्ट सर्किट व ओवरलोडिंग से बढ़ता है खतरा
उपायुक्त ने बताया कि सर्दी के मौसम में कार्यालयों, सरकारी-निजी भवनों एवं आवासीय परिसरों में शॉर्ट सर्किट, ओवरलोडिंग, ओवरहीटिंग, घटिया गुणवत्ता के विद्युत उपकरण एवं गलत वायरिंग के कारण आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। समय रहते सावधानियां अपनाकर ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
कार्यालयों में जिम्मेदार अधिकारी नामित करने के निर्देश
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्यालय में एक जिम्मेदार कर्मचारी नामित किया जाए, जो प्रतिदिन कार्यालय समय समाप्त होने के बाद यह सुनिश्चित करे कि सभी विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद कर दिए गए हों। इसके साथ ही सभी उपकरणों एवं वायरिंग की नियमित जांच अनिवार्य रूप से करवाई जाए।
आग लगने पर तुरंत दें सूचना
आग की स्थिति में अग्निशमन सेवा के आपातकालीन नंबर 101 या 1077 पर तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। यह न मानें कि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा सूचना दे दी गई होगी, क्योंकि त्वरित सूचना से जान-माल की हानि को कम किया जा सकता है।
अग्नि सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य
उपायुक्त ने सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों तथा भवनों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, नियमित निरीक्षण एवं फायर सेफ्टी ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिसे अग्निशमन विभाग या अधिकृत एजेंसी से करवाया जाए।
वेंटिलेशन बेहद जरूरी
उन्होंने कहा कि घरों एवं कार्यालयों में हीटर, केरोसिन हीटर एवं अंगीठी का उपयोग करते समय उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि गैसों का सुरक्षित निकास हो सके और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
“सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें”
उपायुक्त ने सभी नागरिकों से अपील की कि जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा अपने आसपास के लोगों को भी अग्नि सुरक्षा और सुरक्षित हीटिंग उपकरण उपयोग के प्रति जागरूक करें।