ऊना जिले में स्वां नदी में खनन गतिविधियों को वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से पुनः आरंभ करने की संभावनाओं पर बुधवार को उपायुक्त कार्यालय ऊना में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने की।
बैठक में स्वां नदी का वैज्ञानिक सर्वेक्षण, पर्यावरणीय मानकों का पालन, पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया, तथा स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं के समन्वय के साथ खनन गतिविधियों को संचालित करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
वैज्ञानिक खनन की आवश्यकता और लाभ
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि यह कदम प्रदेश सरकार के उस निर्णय के अनुरूप है, जिसके तहत:
स्वां नदी में रेत के अत्यधिक जमाव को नियंत्रित करना
अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगाना
नदी का उचित चैनलाइजेशन सुनिश्चित करना
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देना
शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से खनन कार्य होने से:
नदी के प्राकृतिक प्रवाह को संतुलित रखने में मदद मिलेगी
अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगेगा
स्थानीय संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित होगा
सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी
कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित विभागों को विस्तृत और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि स्वां नदी में खनन गतिविधियाँ वैज्ञानिक एवं जवाबदेह ढंग से संचालित की जा सकें।
उपस्थित अधिकारी
बैठक में एसडीएम गगरेट सोमिल गौतम, एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, जिला खनन अधिकारी नीरज कांत, खनन निरीक्षक पंकज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।