ऊना में स्कूल बसों के लिए सख्त सुरक्षा निर्देश

rakesh nandan

09/03/2026

ऊना में स्कूल बसों और वैन के लिए सख्त सुरक्षा निर्देश जारी

ऊना जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों के संचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश जतिन लाल, उपायुक्त ऊना एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष द्वारा जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में संचालित सभी स्कूल बसों और वैन संचालकों को परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों और निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा। ये आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 33 और 34 के तहत जारी किए गए हैं, ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।


आवश्यक दस्तावेज होना अनिवार्य

जारी आदेशों के अनुसार जिले में संचालित सभी स्कूल बसों और वैन में निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य रूप से उपलब्ध होने चाहिए:

  • वैध फिटनेस प्रमाण पत्र

  • पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी)

  • बीमा प्रमाण पत्र

  • प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC)

  • अन्य आवश्यक परिवहन दस्तावेज

निरीक्षण के दौरान इन दस्तावेजों को सक्षम अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।


प्रशिक्षित चालक और सहायक की अनिवार्यता

उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक स्कूल वाहन के लिए प्रशिक्षित चालक होना आवश्यक है।

चालक के पास:

  • परिवहन वाहन चलाने का वैध ड्राइविंग लाइसेंस

  • सुरक्षित ड्राइविंग का अनुभव

होना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा स्कूली बच्चों को ले जाते समय वाहन में एक सहायक या परिचालक की उपस्थिति भी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि बच्चों की चढ़ने-उतरने की प्रक्रिया सुरक्षित ढंग से हो सके।


बसों में जरूरी सुरक्षा उपकरण

प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल बसों और वैन में निम्नलिखित सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से मौजूद होने चाहिए:

  • अग्निशामक यंत्र

  • प्राथमिक उपचार बॉक्स

  • आपातकालीन निकास

  • सुचारू रूप से कार्य करने वाले दरवाजे

  • उचित बैठने की व्यवस्था

  • स्पीड गवर्नर

इन उपकरणों का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


ओवरलोडिंग पर सख्त प्रतिबंध

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों को ओवरलोड करके ले जाने की अनुमति नहीं होगी। वाहनों की गति भी निर्धारित सीमा के भीतर ही रखी जाएगी। यदि कोई वाहन चालक या संचालक इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


बसों पर स्पष्ट पहचान जरूरी

उपायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल बसों और वैन के आगे और पीछे स्पष्ट रूप से “स्कूल बस/वैन” अंकित होना चाहिए।

इसके साथ ही वाहन पर निम्नलिखित जानकारी भी प्रदर्शित की जानी चाहिए:

  • संबंधित स्कूल का नाम

  • स्कूल का संपर्क नंबर

यह जानकारी निर्धारित मानकों के अनुसार वाहन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।


विशेष निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश

उपायुक्त जतिन लाल ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) और जिले के सभी उपमंडलाधिकारियों (SDM) को निर्देश दिए हैं कि अगले 15 दिनों के भीतर विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाए। इस अभियान के तहत जिले में संचालित सभी स्कूल बसों और वैन की जांच की जाएगी। निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारी इसकी विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद भी नियमित रूप से निरीक्षण जारी रखा जाएगा ताकि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।


नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई स्कूल बस या वैन निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संभावित कार्रवाई में शामिल हो सकते हैं:

  • चालान

  • वाहन जब्ती

  • वाहन संचालन पर रोक

इसके अलावा संबंधित कानूनों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।


पुलिस को भी दिए गए निर्देश

उपायुक्त ने पुलिस विभाग को भी निर्देश दिए हैं कि स्कूलों के आसपास तथा प्रमुख मार्गों पर नियमित जांच अभियान चलाया जाए। पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि सभी स्कूल वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।


स्कूलों को भी जिम्मेदारी निभाने के निर्देश

जिला प्रशासन ने जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी निर्देश दिए हैं कि वे इन सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश जिला ऊना के संपूर्ण क्षेत्राधिकार में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।