हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। उपायुक्त जतिन लाल ने जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और विद्यालय प्रशासन को मधुमक्खियों, ततैया तथा अन्य जंगली कीटों से संबंधित संभावित खतरों के प्रति सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
🔹 बढ़ते मौसम में बढ़ता खतरा
उपायुक्त ने बताया कि आगामी मौसम में अक्सर विद्यालय परिसरों, भवनों की छतों, पेड़ों, खाली कमरों, स्टोर रूम, बरामदों और आसपास के स्थानों पर मधुमक्खियों और ततैयों के छत्ते बनने की घटनाएं सामने आती हैं। ये छत्ते न केवल विद्यार्थियों बल्कि अध्यापकों, कर्मचारियों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी खतरा बन सकते हैं।
🔹 स्कूल प्रशासन को दिए सख्त निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे समय रहते एहतियाती कदम उठाएं और परिसर में ऐसे किसी भी संभावित खतरे को पहचानकर तुरंत कार्रवाई करें। विद्यालयों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय पर लागू हों।
🔹 नियमित सफाई पर विशेष जोर
एडवाइजरी में साफ तौर पर कहा गया है कि विद्यालय परिसर में नियमित सफाई बनाए रखना बेहद जरूरी है।
विशेष रूप से इन स्थानों पर ध्यान देने को कहा गया है:
- कक्षाएं और छतें
- बरामदे और स्टोर रूम
- शौचालय परिसर
- पेड़ों और झाड़ियों के आसपास
- पानी की टंकियों और दीवारों के कोने
सफाई रखने से कीट-पतंगों के छत्ते बनने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।
🔹 नियमित निरीक्षण अनिवार्य
विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे भवनों और परिसर का समय-समय पर निरीक्षण करें।
- खिड़कियों के ऊपर
- कम उपयोग वाले कमरे
- पेड़ों और झाड़ियों के बीच
इन सभी स्थानों की जांच जरूरी है, ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही छत्तों की पहचान की जा सके।
🔹 छत्ता मिलने पर क्या करें
यदि किसी स्थान पर मधुमक्खी या ततैया का छत्ता बनता हुआ या बना हुआ पाया जाता है, तो उसे स्वयं हटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में स्थानीय निकाय या संबंधित विभाग की सहायता लेकर सुरक्षित तरीके से छत्ता हटवाया जाए।
🔹 विद्यार्थियों को करें जागरूक
उपायुक्त ने विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे विद्यार्थियों को भी इस विषय में जागरूक करें।
छात्रों को बताया जाए कि:
- छत्तों के पास न जाएं
- पत्थर या कोई वस्तु न फेंकें
- छत्तों के साथ छेड़छाड़ न करें
इससे दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक रोका जा सकता है।
🔹 जोखिम वाले क्षेत्रों को करें प्रतिबंधित
जहां भी खतरे की संभावना हो, वहां अस्थायी रूप से विद्यार्थियों के जाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सकता है।
🔹 सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
यह एडवाइजरी विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी की गई है। प्रशासन ने सभी स्कूलों से कहा है कि वे इन निर्देशों का गंभीरता से पालन करें।