पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), ऊना में आयोजित 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन बुधवार को हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों ने परीक्षा में सफलता प्राप्त की और उन्हें प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कुल 35 प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण में हिस्सा लिया और सभी ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक सुधीर कुमार शर्मा ने प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन स्वरोजगार का एक बेहतरीन विकल्प है। उन्होंने बताया कि कम लागत में शुरू होने वाला यह व्यवसाय युवाओं और महिलाओं के लिए आय का एक स्थायी स्रोत बन सकता है।
उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों का उपयोग करके अपने स्तर पर मशरूम उत्पादन शुरू करें। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि वे अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।
निदेशक ने यह भी जानकारी दी कि यदि कोई प्रशिक्षार्थी मशरूम उत्पादन शुरू करना चाहता है, तो उसे बैंक के माध्यम से कम ब्याज दरों पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे इच्छुक युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
इस कार्यक्रम के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के वित्तीय सलाहकार राजकुमार डोगरा ने भी प्रतिभागियों से संवाद किया। उन्होंने वित्तीय प्रबंधन, बचत और निवेश के महत्व पर प्रकाश डाला और स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक वित्तीय अनुशासन के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इसके साथ ही उन्हें साइबर फ्रॉड से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया, ताकि वे डिजिटल लेन-देन के दौरान सुरक्षित रह सकें।
निदेशक सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि संस्थान में जल्द ही ब्यूटी पार्लर प्रबंधन का निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के इच्छुक व्यक्ति भाग ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को स्टेशनरी, यूनिफॉर्म, दोपहर का भोजन और चाय-पानी की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जाएगी। इसके अलावा जो प्रतिभागी दूर-दराज क्षेत्रों से आएंगे, उनके लिए रहने और रात्रि भोजन की भी व्यवस्था की जाएगी।
इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के कार्यक्रम आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हैं और बेरोजगारी को कम करने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर रजनी वाला और ग्राम सचिव राजकुमार भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी प्रतिभागियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें अपने कौशल का उपयोग कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कुल मिलाकर, ऊना में आयोजित यह मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हुआ। इससे उन्हें न केवल तकनीकी ज्ञान प्राप्त हुआ, बल्कि स्वरोजगार के नए अवसर भी मिले।