ऊना जिले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026–27 के बजट का जनप्रतिनिधियों और आमजनों ने स्वागत किया है। इसे जनहितकारी, संतुलित और विकासोन्मुख बजट बताया गया।
जनप्रतिनिधियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
राकेश कालिया, सुदर्शन बबलू, विवेक शर्मा और सतपाल रायजादा ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद मुख्यमंत्री ने दूरदर्शी बजट प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र से मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (RDG) में कटौती के बावजूद सरकार ने:
- संतुलित बजट तैयार किया
- हर वर्ग को ध्यान में रखा
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
जनप्रतिनिधियों के अनुसार बजट में:
- ग्रामीण विकास को प्राथमिकता
- आजीविका और स्वावलंबन को बढ़ावा
- आधारभूत सुविधाओं का विस्तार
जैसे प्रावधान प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे।
किसानों और पशुपालकों के लिए राहत
बजट में:
- फसलों के MSP में वृद्धि
- गाय के दूध का मूल्य ₹61 प्रति लीटर
- भैंस के दूध का मूल्य ₹71 प्रति लीटर
जैसे फैसले किसानों और दुग्ध उत्पादकों के लिए लाभकारी बताए गए।
मछुआरा और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि:
- मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को योजनाओं का लाभ मिलेगा
- पर्यटन, धार्मिक स्थलों और स्लो टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा
जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए घोषणाएं
उन्होंने बताया कि:
- आंगनवाड़ी, आशा वर्कर्स के मानदेय में वृद्धि
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी
- ‘मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना’
जैसी घोषणाएं राहत देने वाली हैं।
इसके तहत:
- 1 लाख गरीब परिवारों को सहायता
- 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली
- महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह (चरणबद्ध)
ऊना जिले को विशेष सौगात
बजट में ऊना के लिए:
- रोड़ा में हेलीपोर्ट निर्माण
- क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में कैथ लैब
- राजकीय महाविद्यालय ऊना व हरोली में खेल सुविधाएं
जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
निष्कर्ष
जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट:
- प्रदेश के विकास को गति देगा
- आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा
और हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएगा।