हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए विभिन्न विकास खंडों की ग्राम पंचायतों और जिला परिषद वार्डों का आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया है। इस रोस्टर के तहत अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), महिला और अनारक्षित श्रेणियों के लिए सीटों का निर्धारण किया गया है, जिससे चुनाव प्रक्रिया को स्पष्ट दिशा मिल गई है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी इस विस्तृत सूची में विकास खंड ऊना, गगरेट, हरोली, अंब और बंगाणा के अंतर्गत आने वाली पंचायतों का वर्गीकरण किया गया है। इस आरक्षण का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देना और पंचायत स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना है।
🔹 विकास खंड ऊना का आरक्षण
विकास खंड ऊना के अंतर्गत कई पंचायतों को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है, जिनमें सासन, कुरियाला, जखेड़ा, बहडाला लोअर, लम्लेहड़ा और धमांदरी शामिल हैं। वहीं बदोली, चड़तगढ़, झम्बर, फतेहपुर और चलोला पंचायतों को अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
इसके अलावा बीनेवाल, उदयपुर, खानपुर और नारी पंचायतों को ओबीसी महिला के लिए तथा माजरा, मलूकपुर, बसाल अप्पर और आवादा बराना को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। कई पंचायतों में महिला आरक्षण भी लागू किया गया है, जबकि कुछ पंचायतों को अनारक्षित रखा गया है।
🔹 विकास खंड गगरेट व हरोली
विकास खंड गगरेट में चतेहड़, कैलाश नगर, गोंदपुर बनेहड़ा अप्पर, पिरथीपुर और भद्रकाली पंचायतों को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं नकड़ोह, बवेहड़ और रायपुर पंचायतों में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षण लागू किया गया है।
हरोली विकास खंड में कुंगड़त, पोलियांबीत और समनाल पंचायतों को एससी महिला के लिए आरक्षित किया गया है। पूबोवाल, बाथड़ी और दुलैहड़ पंचायतों को अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं कुछ पंचायतों को ओबीसी और महिला श्रेणी के लिए आरक्षित किया गया है।
🔹 विकास खंड अंब और बंगाणा
अंब विकास खंड में सारड़ा, लडोली और घंगरेट पंचायतों को एससी महिला के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि अम्ब टिल्ला और मैड़ी खास पंचायतों को एससी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इसके अलावा कई पंचायतों में महिला और ओबीसी आरक्षण भी लागू किया गया है।
बंगाणा उपमंडल में बुढवार, बौल और कटोह पंचायतों को एससी महिला के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि अरूलू खास, तनोह और चमियाड़ी पंचायतों को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। यहां भी महिला और ओबीसी वर्ग के लिए संतुलित आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
🔹 जिला परिषद वार्डों का आरक्षण
इसके साथ ही ऊना जिले के जिला परिषद वार्डों का आरक्षण भी घोषित किया गया है। धनेत और कुठेड़ा खैरलां वार्ड को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि भंजाल लोअर और मुबारिकपुर वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं।
पंजावर और बाथू वार्ड को ओबीसी महिला के लिए तथा ठठल वार्ड को ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया है। इसके अलावा चताड़ा, रायपुर सहोड़ा, दुलैहड़, लठियाणी और चलेट वार्डों को महिला श्रेणी में रखा गया है, जबकि हरोली, देहलां अप्पर, सोहारी और अम्बोटा वार्ड अनारक्षित रखे गए हैं।
🔹 लोकतंत्र को मिलेगा मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार का आरक्षण रोस्टर ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे महिलाओं, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गों को नेतृत्व का अवसर मिलता है और विकास योजनाओं का लाभ सभी वर्गों तक पहुंचता है।
जिला प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमों के अनुरूप बताया है। आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद अब चुनावी सरगर्मियां तेज होने की संभावना है और संभावित उम्मीदवार अपनी तैयारियों में जुट गए हैं।
कुल मिलाकर, ऊना जिले में पंचायत और जिला परिषद चुनावों के लिए आरक्षण रोस्टर जारी होना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक संतुलन को भी सुनिश्चित करेगा।