ऊना जिले में पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य निर्वाचन 2026 को लेकर विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त जनित लाल ने बताया कि पूरे जिले में चुनाव प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न करवाई जाएगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिले के विभिन्न उपमंडलों में 26 मई, 28 मई और 30 मई को मतदान कराया जाएगा। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने के लिए आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने बताया कि यह चुनाव कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन नियम) 1994 के नियम 33 के अंतर्गत जारी किया गया है। इसे प्रारूप-17 के तहत प्रकाशित किया गया है, जो राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है।
तीन चरणों में होगा मतदान
पहले चरण में 26 मई को जिले के विभिन्न पंचायत क्षेत्रों में मतदान कराया जाएगा। इसमें विशेष रूप से उपमंडल अम्ब, बंगाणा, गगरेट, ऊना और हरोली के अंतर्गत आने वाली कई पंचायतें शामिल हैं। दूसरे चरण में 28 मई को अन्य पंचायतों में मतदान होगा। इस दिन भी बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली हैं। तीसरे और अंतिम चरण में 30 मई को शेष पंचायतों में मतदान कराया जाएगा। इस दिन भी कई पंचायतों में चुनावी प्रक्रिया पूरी होगी।
मतगणना की तिथियां भी तय
प्रत्येक पंचायत में मतदान के बाद उसी क्षेत्र में मतगणना की व्यवस्था की गई है, ताकि परिणाम जल्द घोषित किए जा सकें। वहीं, जिला परिषद वार्डों और पंचायत समितियों की मतगणना 31 मई को संबंधित सरकारी महाविद्यालयों में सुबह 9 बजे से शुरू होगी। उपमंडल अंब में मतगणना राजकीय महाविद्यालय अंब में होगी, जबकि बंगाणा में अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में मतगणना होगी। इसी प्रकार गगरेट, ऊना और हरोली उपमंडलों में भी निर्धारित स्थानों पर मतगणना की जाएगी।
प्रशासन पूरी तरह तैयार
जिला प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की तैनाती और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हों। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है।
मतदाताओं से अपील
उपायुक्त ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव ग्रामीण विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह मतदान में भाग लेकर सही प्रतिनिधि का चयन करे।
लोकतंत्र की मजबूती की दिशा में कदम
पंचायती राज संस्थाएं देश के लोकतांत्रिक ढांचे की नींव होती हैं। इन चुनावों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं को दिशा मिलती है और जनता की समस्याओं का समाधान होता है। ऊना जिले में तीन चरणों में चुनाव कराने का निर्णय प्रशासन की रणनीतिक योजना का हिस्सा है, जिससे चुनाव प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। अंत में, जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें, ताकि चुनाव प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।