ऊना जिले में रात्रिकालीन पेट्रोलिंग को और कड़ा कर दिया गया है। इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट ऊना जतिन लाल ने आदेश जारी किए। ये आदेश असामाजिक तत्वों, अवैध हथियारों, प्रतिबंधित सामग्री की संभावित आवाजाही को रोकने और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। आदेश हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 14 और बीएनएसएस की धारा 163 के तहत तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।
कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए गश्त व्यवस्था मजबूत
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में रात्रिकालीन निगरानी को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के लिए विस्तृत व्यवस्था लागू की गई है।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी प्रतिदिन करेंगे रात्रि गश्त
रात्रि गश्त को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन नाइट पेट्रोलिंग सुनिश्चित करेंगे। इन टीमों के साथ संबंधित एसडीपीओ और पर्याप्त पुलिस बल भी शामिल रहेगा, ताकि गश्त व्यापक दायरे में संचालित की जा सके।
वाहनों की सघन जांच—अवैध हथियारों पर सख्त निगरानी
रात्रिकालीन गश्त के दौरान वाहनों की विशेष जांच की जाएगी। शस्त्र अधिनियम 1959 के तहत अवैध हथियारों, प्रतिबंधित वस्तुओं और अन्य अवैध सामग्री की रोकथाम के लिए तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस
उपायुक्त ने कहा कि सार्वजनिक शांति भंग करने या किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि में संलिप्त पाए जाने वालों पर बीएनएसएस, शस्त्र अधिनियम और संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर पुलिस अधीक्षक उप-मंडलों को अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराएंगे, ताकि गश्ती व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
सभी अधिकारियों को कड़ाई से अनुपालना के निर्देश
उपायुक्त जतिन लाल ने सभी अधिकारियों को जारी आदेशों की पूर्ण अनुपालना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य ऊना को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और कानून-व्यवस्था से युक्त वातावरण प्रदान करना है।