जिला ऊना में आगामी नगर निकाय चुनावों की तैयारियों के तहत आरक्षण प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। उपायुक्त जतिन लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) तथा महिला उम्मीदवारों के लिए सीटों के आरक्षण एवं रोटेशन का निर्धारण 30 मार्च 2026 को किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश नगर पालिका चुनाव नियम, 2015 के नियम 10(8) के तहत ड्रा ऑफ लॉट्स (लॉटरी प्रणाली) के माध्यम से संपन्न होगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया में विश्वास और पारदर्शिता बनी रहे।
उपायुक्त ने बताया कि इस प्रक्रिया के अंतर्गत जिला ऊना के विभिन्न नगर निकायों में आरक्षित सीटों का निर्धारण किया जाएगा। इनमें नगर पंचायत अंब, गगरेट, दौलतपुर चौक, टाहलीवाल तथा नगर परिषद मेहतपुर-बसदेहड़ा और संतोषगढ़ शामिल हैं।
यह प्रक्रिया संबंधित क्षेत्रों के उप-मंडलीय अधिकारियों (SDM) की देखरेख में संपन्न होगी। उप-मंडलीय अधिकारी (सिविल) अंब, गगरेट, हरोली और ऊना अपने-अपने कार्यालयों में निर्धारित समय पर ड्रॉ प्रक्रिया को पूरा करेंगे।
उपायुक्त ने बताया कि आरक्षण प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित नगर निकाय क्षेत्रों के तीन-तीन प्रमुख नागरिकों और राज्य सरकार के तीन राजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से पूरी हो।
उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनावों में आरक्षण और रोटेशन की यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे समाज के सभी वर्गों को समान अवसर मिलता है और स्थानीय शासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित होती है।
विशेष रूप से महिलाओं के लिए आरक्षण व्यवस्था उन्हें नेतृत्व की भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करती है। इससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है और समाज में संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होता है।
उपायुक्त जतिन लाल ने सभी इच्छुक उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि, समय और स्थान पर उपस्थित होकर इस प्रक्रिया में भाग लें।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की शंका या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की पारदर्शी प्रक्रियाएं लोकतंत्र को मजबूत करती हैं और चुनाव प्रणाली में जनता का विश्वास बढ़ाती हैं।
कुल मिलाकर, ऊना जिले में 30 मार्च को आयोजित होने वाला यह आरक्षण ड्रॉ आगामी नगर निकाय चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सामाजिक समावेश और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएगा।