ऊना में मानसून तैयारी, डी-सिल्टिंग कार्यों की समीक्षा

rakesh nandan

13/04/2026

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में आगामी मानसून-2026 को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने जलभराव और बाढ़ जैसी संभावित स्थितियों से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। पिछले वर्षों के अनुभवों को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से अधिक सतर्क दिखाई दे रहा है और समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ऊना द्वारा 20 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त ऊना की अध्यक्षता में सुबह 11:00 बजे आयोजित होगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य नगर निगम ऊना क्षेत्र में चल रहे डी-सिल्टिंग (नालों और खड्डों की सफाई) कार्यों की प्रगति का आकलन करना है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैठक में नगर निगम ऊना के अंतर्गत आने वाले सभी प्रमुख खड्डों और नालों में किए जा रहे सफाई कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी भी प्रकार के जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।

जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून के आगमन से पहले सभी डी-सिल्टिंग कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। प्रशासन का लक्ष्य है कि संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष मानसून के दौरान नगर निगम ऊना क्षेत्र में जलभराव और फ्लैश फ्लड की कई घटनाएं सामने आई थीं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था। कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया था और लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।

इन्हीं अनुभवों से सबक लेते हुए इस वर्ष प्रशासन ने समय से पहले तैयारी शुरू कर दी है। नालों की सफाई, जल निकासी मार्गों की मरम्मत और संवेदनशील स्थानों की पहचान जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इससे न केवल संभावित नुकसान को रोका जा सकेगा, बल्कि लोगों को भी राहत मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर डी-सिल्टिंग कार्यों को पूरा करना बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याओं से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। यदि नालों और खड्डों में जमा गाद को समय पर हटा दिया जाए, तो वर्षा के पानी का प्रवाह बाधित नहीं होता और जल निकासी सुचारू बनी रहती है।

इसके अलावा, प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल से कार्यों को तेजी और प्रभावशीलता के साथ पूरा किया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें और नालों में कचरा न डालें, ताकि जल निकासी व्यवस्था प्रभावित न हो। यह सामूहिक प्रयास ही मानसून के दौरान संभावित समस्याओं को कम करने में सहायक होगा।

कुल मिलाकर, ऊना में मानसून-2026 को लेकर की जा रही यह तैयारी प्रशासन की सक्रियता और दूरदर्शिता को दर्शाती है। समय रहते उठाए गए ये कदम निश्चित रूप से आने वाले मानसून में जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।