अवैध खनन के खिलाफ डीसी जतिन लाल की कड़ी रणनीति

rakesh nandan

01/12/2025

ऊना जिले में अवैध खनन और उससे जुड़े पूरे आपराधिक इको सिस्टम को ध्वस्त करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अपनाई गई बहुस्तरीय और वैज्ञानिक रणनीति बेहद प्रभावी साबित हो रही है। डीसी जतिन लाल के नेतृत्व में पिछले दिनों लागू किए गए कड़े कदमों ने अवैध उत्खनन, रात्रिकालीन ढुलाई, शराब आधारित नाइट गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर निर्णायक प्रहार किया है। आज यह मॉडल पूरे प्रदेश में “ऊना मॉडल” के नाम से जाना जा रहा है।

अवैध खनन पर रात 5 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध

अवैध खनन का सबसे बड़ा आधार रात्रिकालीन गतिविधियां थीं। इन्हें रोकने के लिए प्रशासन ने शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक खनन और ढुलाई पर पूर्ण रोक लगा दी है। वैध खनन केवल निर्धारित समय में अनुमति के साथ ही हो सकता है। इससे अवैध उत्खनन और रात के समय टिप्पर मूवमेंट लगभग समाप्त हो गया है।

शराब बिक्री समय में कटौती, नाइट क्राइम नेटवर्क कमजोर

अवैध खनन से जुड़े अपराधों में देर रात शराब की खपत एक प्रमुख कारक थी। अब सभी शराब वेंड्स, अहाते, बार, पब और रेस्टोरेंट को रात 10 बजे तक बंद करना अनिवार्य है। इस कदम से नशा गतिविधियों और रात्रिकालीन अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है।

परिवहन व्यवस्था का पुनर्गठन, भारी वाहनों पर सख्त नियंत्रण

सभी खनन व माल ढुलाई वाहनों की आवाजाही सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सीमित की गई है।

  • खनन वाहनों के लिए समर्पित कॉरिडोर अधिसूचित किए गए।

  • डीसी चौक से मैहतपुर बॉर्डर तक टिप्परों पर पूर्ण प्रतिबंध।

  • व्यवसायिक भारी वाहनों की आवाजाही सुबह 8 से रात 9 बजे तक बंद।

  • प्रतिबंध अवधि में वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया।

इन उपायों से अवैध ढुलाई नेटवर्क लगभग निष्क्रिय हो गया है।

स्वां नदी क्षेत्र में अनाधिकृत प्रवेश पर पूर्ण रोक

स्वां नदी अवैध खनन का प्रमुख केंद्र रही है।

  • नदी किनारे वाहनों का अनधिकृत प्रवेश प्रतिबंधित।

  • बिना अनुमति खनन पर पूरी तरह रोक।

  • उल्लंघन पर वाहन ज़ब्त और FIR कार्रवाई।

यह कदम पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ा और प्रभावी प्रयास माना जा रहा है।

संयुक्त निगरानी तंत्र और रात्रिकालीन पेट्रोलिंग

प्रशासन–पुलिस–माइनिंग विभाग की संयुक्त टीमें 24×7 सक्रिय हैं।

  • संवेदनशील पॉइंट्स पर कड़ी निगरानी

  • रात्रिकालीन पेट्रोलिंग में बढ़ोतरी

  • मौके पर त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था

इस प्रणाली ने जवाबदेही के साथ नियंत्रण क्षमता भी बढ़ाई है।

हथियार लाइसेंसों की समीक्षा

अवैध खनन नेटवर्क में हथियारों के दुरुपयोग की शिकायतों के बाद:

  • सभी लाइसेंसधारकों को हथियार जमा कराने के निर्देश

  • प्रत्येक लाइसेंस की जोखिम-आधारित समीक्षा

  • विवादित मामलों में लाइसेंस निलंबन/रद्द

यह कदम अवैध गतिविधियों के सुरक्षा तंत्र को तोड़ने में निर्णायक साबित हो रहा है।

ऊना प्रशासन की यह रणनीति अवैध खनन के पूरे ढांचे को जड़ों से काटने वाला एक सुदृढ़ मॉडल बन चुकी है और इसे अब पूरे प्रदेश में “ऊना मॉडल” के रूप में अपनाने की चर्चा है।