किला बाबा बेदी साहिब में आयोजित तीन दिवसीय भव्य धार्मिक समागम वीरवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ आरंभ हो गया। यह आयोजन गुरु गुरु नानक देव जी के वंशज बाबा साहिब सिंह बेदी जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
इस पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने संगत के साथ माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया और इस आयोजन की महत्ता को रेखांकित किया।
किला बाबा बेदी साहिब परिसर पहुंचने पर प्रबंधन कमेटी और संगत द्वारा उपमुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने बाबा सर्वजोत सिंह बेदी से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। दोनों के बीच इस धार्मिक आयोजन के महत्व और क्षेत्र की समृद्धि को लेकर चर्चा भी हुई।
उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहिब सिंह बेदी जी का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। उन्होंने बताया कि बाबा साहिब सिंह बेदी वही महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह का राजतिलक किया था।
उन्होंने यह भी कहा कि यह हिमाचल प्रदेश और विशेष रूप से ऊना जिले के लिए गर्व की बात है कि गुरु नानक देव जी के वंशज इस पावन भूमि पर निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहिब सिंह बेदी जी आज भी इस क्षेत्र के रक्षक के रूप में पूजे जाते हैं और उनकी कृपा से क्षेत्र निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक समागम समाज में भाईचारे, एकता और शांति का संदेश देते हैं। ऐसे आयोजनों से लोगों में आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है।
आयोजकों के अनुसार यह समागम बाबा सर्वजोत सिंह बेदी की देखरेख में आयोजित किया जा रहा है और यह तीन दिनों तक चलेगा। इस दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर इस पावन आयोजन का हिस्सा बनेंगे।
समागम की व्यवस्थाओं की निगरानी बाबा अमरजोत सिंह बेदी द्वारा की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजन स्थल पर सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
इस धार्मिक आयोजन के माध्यम से न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्राप्त होगी, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान भी और अधिक मजबूत होगी।
कुल मिलाकर, ऊना में आयोजित यह भव्य समागम श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम है, जो समाज को एकजुट करने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का कार्य कर रहा है।
