जिला ऊना में अवैध खनन और अनियंत्रित खनन सामग्री के परिवहन पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। Jatin Lal द्वारा जारी नए आदेशों के तहत लाइसेंसी खनन गतिविधियों के संचालन समय में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। यह निर्णय पुलिस विभाग की अनुशंसा पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत लिया गया है।
संशोधित आदेशों के अनुसार अब जिले में खनन से जुड़ी सभी गतिविधियों पर रात के समय पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शाम 7 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक खनन, उत्खनन और अन्य संबंधित कार्यों को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। इसका उद्देश्य रात के समय होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
इसके अलावा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनन से संबंधित कार्य जैसे उत्खनन, लोडिंग और अन्य प्रक्रियाएं केवल सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही की जा सकेंगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी गतिविधियां पारदर्शी तरीके से और निर्धारित समय के भीतर ही संपन्न हों।
खनन सामग्री के परिवहन को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आदेशों के अनुसार टिपरों और ट्रकों के माध्यम से खनन सामग्री की ढुलाई केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक ही की जा सकेगी। निर्धारित समय के बाहर किसी भी प्रकार का परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
जिला दंडाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में खनन कार्य केवल वैध परमिट और लाइसेंस के अनुरूप ही किए जाएंगे। बिना अनुमति खनन या परिवहन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस विभाग और खनन विभाग को संयुक्त रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों विभाग नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करेंगे।
प्रशासन का यह कदम पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इससे सरकारी राजस्व का भी नुकसान होता है और स्थानीय लोगों के जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं अवैध खनन या परिवहन की जानकारी मिले, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अगले आदेशों तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का मानना है कि इन नए नियमों के लागू होने से जिले में अवैध खनन पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा और कानून-व्यवस्था मजबूत होगी।
कुल मिलाकर, जिला प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम एक सख्त और आवश्यक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शिता और कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।