स्वास्थ्य एवं कल्याण विभाग द्वारा ऊना जिला में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय के मुंह के कैंसर) की रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत 29 मार्च, 5 अप्रैल और 12 अप्रैल (रविवार) को जिले के 27 निर्धारित स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य किशोरियों को एक गंभीर और जानलेवा बीमारी से बचाव प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि जिले में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 4500 बच्चियों को यह टीका लगाया जाएगा, जो पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
डॉ. वर्मा ने जानकारी दी कि अब तक लगभग 1000 बच्चियों का पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि जिन बच्चियों का पंजीकरण नहीं हुआ है, वे भी मौके पर आकर रजिस्ट्रेशन करवा सकती हैं और टीकाकरण का लाभ उठा सकती हैं।
उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन एक खुराक में ही लंबे समय तक इम्युनिटी प्रदान करने में सक्षम है और यह विशेष रूप से उन वायरस से सुरक्षा देती है, जो सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण होते हैं।
HPV वैक्सीन: सुरक्षित और प्रभावी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। इसे पहले ही दुनिया के 159 देशों में सफलतापूर्वक उपयोग किया जा चुका है और अब भारत में भी इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है।
यह टीका Central Drugs Standard Control Organization (सीडीएससीओ) और National Technical Advisory Group on Immunization (एनटीएजीआई) की सिफारिशों पर आधारित है तथा Drug Controller General of India (डीजीसीआई) द्वारा प्रमाणित किया गया है।
डॉ. वर्मा ने बताया कि यह वैक्सीन कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम जैसे विकसित देशों में पहले से दी जा रही है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
भ्रांतियों से बचें, भविष्य सुरक्षित बनाएं
स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस टीकाकरण को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने की भी अपील की। डॉ. वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और इससे बांझपन या किसी भी प्रकार के दीर्घकालिक दुष्प्रभाव नहीं होते हैं।
उन्होंने बताया कि इसके विपरीत, एचपीवी वायरस का संक्रमण महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है और गर्भधारण में बाधा उत्पन्न कर सकता है। ऐसे में यह टीका न केवल कैंसर से बचाव करता है, बल्कि महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य की रक्षा भी करता है।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम पाल शर्मा और उनकी धर्मपत्नी डॉ. अनुपम शर्मा ने भी इस वैक्सीन की सुरक्षा पर विश्वास जताते हुए बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को भी यह टीका लगवाया है और यह पूरी तरह सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि जिले के कई वरिष्ठ चिकित्सक भी अपनी बेटियों को यह वैक्सीन लगवा चुके हैं और इसके परिणामों से संतुष्ट हैं।
व्यापक जागरूकता की जरूरत
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपनी बच्चियों का समय पर टीकाकरण करवाएं। यह पहल न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि समाज में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को भी कम करने में सहायक है।
यह अभियान जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में इस प्रकार के कार्यक्रमों से जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक लोग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे।
27 स्वास्थ्य संस्थानों में टीकाकरण
टीकाकरण के लिए जिले के 27 चयनित स्वास्थ्य संस्थानों में व्यवस्था की गई है, जहां प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ द्वारा सुरक्षित तरीके से टीकाकरण किया जाएगा। प्रत्येक सत्र में आवश्यक दवाएं, उपकरण और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रहेंगी ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि टीकाकरण प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संचालित हो।
अंत में, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिलावासियों से आग्रह किया कि वे किसी भी अफवाह या भ्रम में न आएं और अपनी बेटियों के उज्ज्वल एवं सुरक्षित भविष्य के लिए इस अभियान का हिस्सा बनें।