ऊना के स्कूलों व आयुष केंद्रों में हर्बल गार्डन विकसित

rakesh nandan

08/12/2025

हिमाचल प्रदेश सरकार आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ पारंपरिक आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा को मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। इसी कड़ी में ऊना जिले के विभिन्न स्कूलों और आयुष केंद्रों में औषधीय पौधों से युक्त हर्बल गार्डन विकसित किए गए हैं। लगभग 9.42 लाख रुपये की लागत से तैयार ये उद्यान प्राकृतिक उपचार को बढ़ावा देने और आयुष पद्धति की वैज्ञानिक उपयोगिता से लोगों को परिचित कराने का महत्वपूर्ण प्रयास हैं। जिला आयुष अधिकारी किरण शर्मा के अनुसार पाँच विद्यालयों में 1.25 लाख रुपये की लागत से हर्बल गार्डन स्थापित किए गए हैं, जिनमें शतावर, अश्वगंधा, आंवला, एलोवेरा, स्टीविया, हरड़ और बेहड़ जैसे औषधीय पौधे लगाए गए हैं। उद्देश्य बच्चों में आयुर्वेद के प्रति रुचि विकसित करना और प्राकृतिक स्वास्थ्य पद्धति का व्यावहारिक अनुभव देना है।

आयुष केंद्रों में 2.25 लाख रुपये से पॉटेड गार्डन और 13 आयुष आरोग्य मंदिरों में 5.92 लाख रुपये से 3232 औषधीय पौधों का रोपण किया गया है। ये उद्यान स्थानीय औषधीय संसाधनों के संरक्षण और समुदाय को प्राकृतिक उपचार पद्धतियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह पहल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की उस सोच को आगे बढ़ाती है जिसमें आयुष–आयुर्वेद आधारित जीवनशैली को बढ़ावा देने पर जोर है। हर्बल गार्डन भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, टूरिज़्म और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर भी प्रदान करेंगे। डीसी ऊना जतिन लाल ने इस कदम को प्राकृतिक चिकित्सा और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।