Electronics and Information Technology Institute के सहयोग से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं के लिए निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान करने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
जिला कल्याण अधिकारी Awas Pandit ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश सरकार के सहयोग से प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत दो प्रमुख पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। पहला कोर्स कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) प्रौद्योगिकी की अवधारणाओं पर आधारित है, जो आज के डिजिटल युग में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दूसरा कोर्स ऑफिस ऑटोमेशन, अकाउंटिंग और पब्लिशिंग असिस्टेंट से संबंधित है, जो कंप्यूटर और प्रशासनिक कार्यों में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए उपयोगी है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवा भी बिना किसी शुल्क के इसमें भाग ले सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के कोर्स युवाओं को नई तकनीकों से परिचित कराते हैं और उन्हें नौकरी के लिए तैयार करते हैं।
पात्रता की बात करें तो आवेदन करने वाला उम्मीदवार अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित होना चाहिए और हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इसके अलावा अन्य शैक्षणिक योग्यताएं संबंधित कोर्स के अनुसार निर्धारित की जाएंगी।
जिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार 10 अप्रैल तक अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन सादे कागज पर तैयार कर आवश्यक दस्तावेजों सहित जिला कल्याण अधिकारी, ऊना के कार्यालय में जमा करवाना होगा।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय सीमा के भीतर आवेदन सुनिश्चित करें। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उनके भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इस पहल से न केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि प्रदेश में कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, जिससे वे आधुनिक तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
सरकार द्वारा इस प्रकार की योजनाओं के माध्यम से सामाजिक समानता और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।
कुल मिलाकर, यह निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और उनके करियर को नई दिशा देने में सहायक साबित होगा।