जिला ऊना में नशे की बढ़ती समस्या और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अतिरिक्त उपायुक्त Mahendra Pal Gurjar ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पूरी जिम्मेदारी और समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि जिले में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
मंगलवार को डीआरडीए सभागार में आयोजित बैठकों में एडीसी ने राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एन-कॉर्ड) के तहत जिला स्तरीय समन्वय समिति तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज किया जाए और इसमें ठोस परिणाम नजर आने चाहिए।
उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि NDPS Act के तहत कार्रवाई में तेजी लाई जाए। प्रत्येक थाना प्रभारी को अपने क्षेत्र में तय लक्ष्यों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर उसका प्रभाव भी दिखना चाहिए।
एडीसी ने कहा कि ऊना एक सीमावर्ती जिला होने के कारण यहां नशे के मामलों में विशेष सतर्कता की आवश्यकता है। उन्होंने इसे समाज के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि इससे निपटना प्रशासन और समाज दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है।
उन्होंने पंचायत स्तर पर सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया। निर्देश दिए गए कि नशा निवारण समितियां नियमित बैठकें करें और चिट्टे की समस्या से प्रभावित 10 संवेदनशील पंचायतों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं। इसके साथ ही स्कूलों में भी विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
एडीसी ने नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम और डीएसपी को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में व्यवस्थाओं की समय-समय पर जांच की जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।
इसके अतिरिक्त उन्होंने सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण के मामलों को भी गंभीरता से लेते हुए दो सप्ताह के भीतर निशानदेही करने के निर्देश दिए।
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एडीसी ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ब्लैक स्पॉट्स की पहचान करने और वहां त्वरित सुधार कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगाई जा रही रेलिंग को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा करने और किसी भी प्रकार के असुरक्षित गैप को समाप्त करने को कहा।
बैठक के दौरान कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर एडीसी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की महत्वपूर्ण बैठकों से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए और भविष्य में ऐसी स्थिति न दोहराने की चेतावनी भी दी।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र शर्मा ने पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों और कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग लगातार एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर रहा है और नशा तस्करों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
इस अवसर पर Abhishek Mittal, Saumil Gautam, Sonu Goyal, Paras Aggarwal सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन का मानना है कि यदि सभी विभाग मिलकर जिम्मेदारी के साथ कार्य करें और समाज भी इसमें सहयोग दे, तो जिले में नशे की समस्या और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।