ऊना जिले में बच्चों की वार्षिक परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने ध्वनि नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विद्यार्थियों को शांत और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से Jatin Lal, उपायुक्त ऊना, ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर, डीजे या अन्य ध्वनि विस्तारक उपकरणों का उपयोग तय समय-सीमा और निर्धारित डेसिबल मानकों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए।
रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर प्रतिबंधित
उपायुक्त ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग बिना पूर्व अनुमति पूर्णतः प्रतिबंधित है।
ध्वनि की अधिकतम सीमा इस प्रकार निर्धारित की गई है:
आवासीय क्षेत्र:
दिन में 55 डेसिबल
रात में 45 डेसिबल
वाणिज्यिक क्षेत्र:
दिन में 65 डेसिबल
रात में 55 डेसिबल
साइलेंस ज़ोन (अस्पताल, शिक्षण संस्थान, न्यायालय के 100 मीटर दायरे में):
दिन में 50 डेसिबल
रात में 40 डेसिबल
इन सीमाओं का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शादी-ब्याह और धार्मिक आयोजनों में भी नियम लागू
उपायुक्त जतिन लाल ने विशेष रूप से कहा कि शादी-ब्याह, धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन, जुलूस, जागरण, समारोह और धार्मिक स्थलों पर लगाए जाने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्र भी निर्धारित नियमों के अंतर्गत ही संचालित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि परीक्षा अवधि में अनावश्यक तेज ध्वनि विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
इसलिए आयोजकों और संस्थानों से अपेक्षा की गई है कि वे समय-सीमा और ध्वनि मानकों का पालन करें।
पुलिस को निगरानी के निर्देश
उपायुक्त ने जिला पुलिस को निर्देश दिए हैं कि ध्वनि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में तुरंत और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संबंधित अधिकारियों को भी नियमित निरीक्षण और निगरानी रखने के आदेश जारी किए गए हैं, ताकि नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर
उपायुक्त ने सभी धार्मिक, सामाजिक और सार्वजनिक संस्थानों के साथ-साथ आम नागरिकों से अपील की है कि वे विद्यार्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि परीक्षा अवधि के दौरान शांत, अनुशासित और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि
प्रशासन का मानना है कि परीक्षा के समय विद्यार्थियों को एकाग्रता और मानसिक शांति की आवश्यकता होती है।
अनियंत्रित ध्वनि प्रदूषण उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
इसलिए यह कदम विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और शैक्षणिक सफलता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
निष्कर्ष
ऊना जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा अवधि में डीजे और लाउडस्पीकर के उपयोग पर सख्ती विद्यार्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय है।
ध्वनि प्रदूषण नियमों का पालन सुनिश्चित कर प्रशासन जिले में शांत वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, जबकि नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है।