हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में 4 अप्रैल को आपदा जागरूकता दिवस मनाया जाएगा, जिसके तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कांगड़ा में वर्ष 1905 में आए विनाशकारी भूकंप की वर्षगांठ को चिन्हित करते हुए यह दिन राज्यभर में विशेष रूप से मनाया जाता है, ताकि लोगों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा सके।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर ऊना में एक नागरिक एकजुटता मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च न्यू बस स्टैंड ऊना से शुरू होकर डीसी ऑफिस चौक तक जाएगा। इस मार्च का उद्देश्य आम जनता को आपदा के समय सतर्क रहने और सही कदम उठाने के प्रति जागरूक करना है।
उन्होंने बताया कि आपदा जागरूकता दिवस के अवसर पर जिले के सभी सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और प्रतिष्ठानों में इवैक्यूएशन ड्रिल (मॉक ड्रिल) का आयोजन भी किया जाएगा। इन अभ्यासों के माध्यम से लोगों को आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने और अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपाय सिखाए जाएंगे।
इसके अलावा अप्रैल माह के दौरान पंचायत स्तर पर भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को भूकंप रोधी निर्माण तकनीकों और आपदा प्रबंधन की तैयारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को सुरक्षित निर्माण के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि यह आपदा जागरूकता दिवस राज्यव्यापी अभियान के रूप में मनाया जाता है। इसके तहत राज्य, जिला और समुदाय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य लोगों को आपदा के प्रति तैयार करना और जोखिम को कम करना है।
इन कार्यक्रमों में भूकंप आपदा पूर्वाभ्यास (ड्रिल), विद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रशिक्षण शामिल हैं। विद्यार्थियों और आम नागरिकों को यह सिखाया जाएगा कि भूकंप या अन्य आपदाओं के समय किस प्रकार से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है और दूसरों की मदद की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आपदा के समय घबराने के बजाय सही जानकारी और प्रशिक्षण ही सबसे बड़ा सहारा होता है। ऐसे में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लोगों को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कांगड़ा भूकंप की याद आज भी लोगों के मन में ताजा है, जिसने भारी तबाही मचाई थी। इसी कारण हर वर्ष इस दिन को याद करते हुए लोगों को सतर्क और जागरूक रहने का संदेश दिया जाता है।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने परिवार तथा समुदाय को भी इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
कुल मिलाकर, ऊना में आयोजित होने वाला यह आपदा जागरूकता कार्यक्रम लोगों को सुरक्षित जीवन जीने और संभावित खतरों से बचने के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।