विकास कार्यों में शिथिलता स्वीकार नहीं
Mukesh Agnihotri ने ऊना जिले में निर्माणाधीन प्रमुख विकास परियोजनाओं की सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। वे जिला परिषद सभागार ऊना में आयोजित जिला जन शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं को विशेष गति की आवश्यकता है, उनकी उपायुक्त की अध्यक्षता में नियमित समीक्षा की जाए तथा विभागीय स्तर पर मासिक बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित हों।
चिंतपूर्णी मंदिर परियोजना में देरी पर नाराज़गी
उपमुख्यमंत्री ने Chintpurni Temple भवन निर्माण एवं परिसर सौंदर्यीकरण कार्यों में हो रही देरी पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजना के तहत 56 करोड़ रुपये तथा जिला प्रशासन के 75 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं दिख रही है। मंदिर परिसर में सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, रेन शेल्टर तथा मुख्य बाजार में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के निर्देश दिए गए।
रोपवे परियोजनाओं को प्राथमिकता
उन्होंने श्री माता चिंतपूर्णी मंदिर रोपवे परियोजना (लगभग 100 करोड़ रुपये) को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही हरोली विधानसभा क्षेत्र के पंडोगा में वनखंडी माता मंदिर के लिए लगभग 12 करोड़ रुपये की रोपवे परियोजना को अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य तय करने को कहा।
पुल और सड़कों पर फोकस
उपमुख्यमंत्री ने जिले में निर्माणाधीन पुलों के कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए। रामपुर (ऊना-संतोषगढ़ मार्ग) में क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर स्थायी पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर आगामी बजट में शामिल करने को कहा। पंडोगा-त्यूड़ी, लोहारली-चुरड़ू तथा स्वां नदी पर अंब रेलवे स्टेशन व गगरेट को जोड़ने वाले पुलों के कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए गए।
जल प्रबंधन और ट्यूबवेल सुधार
उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 600 ट्यूबवेल संचालित हैं। जिनकी मरम्मत आवश्यक है, उनके लिए समेकित डीपीआर तैयार कर वित्तीय स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजने को कहा गया।
ईको-टूरिज्म और जल परिवहन
बंगाणा क्षेत्र में गोविंद सागर झील के मद्देनजर जल परिवहन और जल-आधारित पर्यटन की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए। साथ ही ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
औद्योगिक इकाइयों पर सख्ती
टाहलीवाल क्षेत्र में दूषित जल निकासी की शिकायतों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित औद्योगिक इकाइयों को पर्यावरण मानकों का पालन सुनिश्चित करने और आबादी क्षेत्र से बाहर सुव्यवस्थित नाले के निर्माण के निर्देश दिए गए।
बैठक में विधायक सुदर्शन बबलू, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।