ऊना में बार-रेस्टोरेंट अब रात 11 बजे तक खुले

rakesh nandan

29/03/2026

जिला ऊना में बार, क्लब, पब, आहाते और रेस्टोरेंट के संचालन समय को लेकर प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। Jatin Lal द्वारा जारी नए आदेशों के अनुसार अब इन प्रतिष्ठानों को रात 11 बजे तक खुले रहने की अनुमति दी गई है। यह संशोधन पुलिस विभाग की अनुशंसा के आधार पर किया गया है।

यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। पहले इन प्रतिष्ठानों के संचालन का समय रात 10 बजे तक निर्धारित था, लेकिन अब इसे एक घंटे बढ़ाकर 11 बजे कर दिया गया है।

प्रशासन का यह निर्णय जिले में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और होटल-रेस्टोरेंट व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। खासकर पर्यटन और स्थानीय व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह फैसला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि समय बढ़ाने के साथ-साथ सभी प्रतिष्ठानों को निर्धारित नियमों और शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि लाइसेंस से संबंधित सभी प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है, इसलिए बार और रेस्टोरेंट संचालकों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, शोर-शराबा या गैरकानूनी गतिविधि की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस निर्णय से जहां एक ओर व्यापारियों को राहत मिली है, वहीं प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा से कोई समझौता न हो। पुलिस विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से इन प्रतिष्ठानों की निगरानी करें और नियमों के पालन को सुनिश्चित करें।

स्थानीय लोगों के लिए भी यह निर्णय महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उन्हें बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। हालांकि, प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

इस फैसले के बाद उम्मीद की जा रही है कि जिले में होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही, यह निर्णय पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है।

कुल मिलाकर, जिला प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें एक ओर व्यापारिक हितों को ध्यान में रखा गया है, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है।