जिला ऊना में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने और आम जनता को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यकारी जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 29 मार्च 2026 को उपमंडल अंब के चुरुड़ू में आयुष ग्राम मेला एवं निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य लोगों को आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के प्रति जागरूक करना है। आज के समय में जहां लोग आधुनिक जीवनशैली के कारण विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं, वहीं आयुष पद्धतियां प्राकृतिक और सुरक्षित उपचार का विकल्प प्रदान करती हैं।
मेले के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा विभिन्न रोगों की जांच की जाएगी और मरीजों को निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार आयुर्वेदिक औषधियों का भी वितरण किया जाएगा, जिससे लोग बिना किसी खर्च के उपचार का लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम में योग और प्राणायाम का भी विशेष प्रदर्शन किया जाएगा। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा लोगों को योग के महत्व और इसे दैनिक जीवन में अपनाने के तरीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इससे लोग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रह सकेंगे।
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि इस मेले में आयुष विभाग के विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां पंचकर्म, क्षारसूत्र, अग्निकर्म और जलौकावचारण जैसी पारंपरिक उपचार पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी। इन स्टॉल्स के माध्यम से लोगों को इन विधियों के लाभ और उपयोग के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
मेले में विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इससे सभी आयु वर्ग के लोगों को उनकी आवश्यकतानुसार उपचार और परामर्श मिल सकेगा।
इस आयोजन के माध्यम से आयुष विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को अपनाएं और स्वस्थ जीवनशैली की ओर बढ़ें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से पहुंच सकें।
उन्होंने क्षेत्र की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस मेले में भाग लें और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं। इस प्रकार के आयोजन न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि लोगों को बीमारियों से बचाव के प्रति भी जागरूक करते हैं।
कुल मिलाकर, चुरुड़ू में आयोजित होने वाला यह आयुष मेला और स्वास्थ्य शिविर लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जहां वे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।