ऊना में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा तेज, डीसी के निर्देश

rakesh nandan

29/11/2025

जिला ऊना में सार्वजनिक सुरक्षा, शांति एवं कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक समीक्षा प्रक्रिया को और अधिक गति प्रदान की है। यह प्रक्रिया प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी की जाएगी।

जिला मजिस्ट्रेट ऊना जतिन लाल ने बताया कि प्रत्येक उप-मंडल में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें उप-मंडल मजिस्ट्रेट, पुलिस उपाधीक्षक, संबंधित एसएचओ, तहसीलदार तथा वन विभाग के रेंज अधिकारी शामिल हैं। ये समितियां अपने-अपने क्षेत्र में शस्त्र लाइसेंसों की संपूर्ण समीक्षा करेंगी।

उन्होंने बताया कि सभी लाइसेंस धारकों के लिए हथियार एवं गोला-बारूद जमा करवाने की अंतिम तिथि पहले 26 नवंबर निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 28 नवंबर किया गया ताकि सभी लाइसेंसधारकों को सुविधा मिल सके।

डीसी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ऊना को निर्देश दिए गए हैं कि शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 17 (बी, सी एवं डी) के अनुरूप सभी आवश्यक रिपोर्ट समय पर उप-मंडल स्तरीय समितियों को उपलब्ध करवाई जाए। समितियों को आदेश जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर लाइसेंसों के निलंबन, निरस्तीकरण या पुष्टि से संबंधित संस्तुतियां जिला कार्यालय को भेजनी होंगी।

उन्होंने बताया कि कुछ लाइसेंस धारकों ने विशेष परिस्थितियों में हथियार जमा करवाने में छूट के लिए आवेदन किए हैं। ऐसे मामलों के लिए समितियां फसल सुरक्षा, आत्मरक्षा, तथा लाइसेंसधारक की आवश्यकता को विशेष प्राथमिकता के आधार पर देखेंगी। समीक्षा में लाइसेंसधारक के चरित्र, प्रतिष्ठा, व्यवहार, भूमि विवाद, आपराधिक मामलों में संलिप्तता, तथा शांति भंग की घटनाओं को विशेष रूप से जांचा जाएगा।

जिन मामलों में झगड़े, भूमि विवाद, लड़ाई या आपराधिक अभियोजन की पुष्टि होगी, ऐसे प्रकरण आगे की कार्रवाई के लिए जिला कार्यालय को भेजे जाएंगे। वहीं जिन लाइसेंसधारकों के विरुद्ध कोई नकारात्मक रिकॉर्ड नहीं पाए जाएंगे, उनके हथियार नियमों के अनुसार वापस जारी किए जाएंगे।

उपायुक्त ने कहा कि यह कदम जिले में कानून–व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को नए स्तर पर मजबूत करेगा। उन्होंने सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों से समीक्षा प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग की अपील की है।