जिला सैनिक कल्याण कार्यालय ऊना में बुधवार को दसवां पूर्ण सशस्त्र सेना दिवस समारोह गरिमामय ढंग से आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता उपायुक्त जतिन लाल ने की। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि पूर्ण सशस्त्र सेना दिवस हमें उन शहीद वीरों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि सैनिकों का बलिदान केवल इतिहास नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा की मजबूत नींव है।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल सैनिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवारों—विशेषकर वीर नारियों, वीर माताओं और आश्रितों—को सम्मान और हर संभव सहायता देना भी हमारा दायित्व है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सैनिकों एवं उनके आश्रितों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए प्रशासन संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल एस. के. कलिया ने सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों तथा वीर नारियों को प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
समारोह के दौरान उपायुक्त ने वीर नारियों, वीर माताओं एवं बहादुरी पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में ऑनरेरी कैप्टन सुखदेव सिंह (वीर चक्र), पूर्व नायक देव प्रकाश (वीर चक्र), पूर्व सूबेदार दौलत राम (सेवा मेडल), ऑनरेरी कैप्टन सुशील कुमार (शौर्य चक्र), ऑनरेरी कैप्टन चरण दास (शौर्य चक्र) सहित वीर नारियां—सविता ठाकुर, रुचि, कंचन बाला, प्रकाशो देवी, राकेश कुमारी—तथा 87 वर्षीय सेवानिवृत्त सूबेदार दिलबाग सिंह शामिल रहे। इससे पूर्व उपायुक्त सहित उपस्थित अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने शहीद स्मारक ऊना पहुंचकर शहीदों को नमन किया और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। समारोह में भूतपूर्व सैनिक लीग ऊना के अध्यक्ष कर्नल शक्ति चंद, भूतपूर्व सैनिक लीग दौलतपुर के अध्यक्ष कर्नल जोगिंद्र पाल सहित अनेक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
