ऊना में नशा निवारण अभियान पर सख्त रुख
Una में एंटी-चिट्टा अभियान को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त Jatin Lal ने स्पष्ट कहा कि अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पंचायत स्तर पर गठित नशा निवारण समितियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। वे डीआरडीए सभागार में एन-कॉर्ड (राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल) के तहत गठित जिला स्तरीय समिति तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में पुलिस अधीक्षक Sachin Hiremeth भी उपस्थित रहे।
संवेदनशील पंचायतों पर विशेष नजर
उपायुक्त ने बताया कि जिले की सभी पंचायतों में स्कूल अथवा कॉलेज के प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में नशा निवारण समितियां गठित की गई हैं। इनमें से 10 पंचायतों को ‘चिट्टा’ के दृष्टिकोण से संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित किया गया है। कुछ प्रधानाचार्यों की अनुपस्थिति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
जनता की भागीदारी जरूरी
डीसी ने निर्देश दिए कि समितियां नियमित बैठकें आयोजित करें और युवाओं, महिला मंडलों व सामाजिक संगठनों को अभियान से जोड़ें। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत प्रशासन और पुलिस को दी जाए।
पुनर्वास केंद्रों की औचक जांच
नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्रों के औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए। मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम के तहत गठित समिति को प्रावधानों के अनुरूप जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
सड़क सुरक्षा पर भी सख्ती
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में:
ब्लैक स्पॉट सुधार
पैराफिट लगाने
तेज व लापरवाह वाहन चालकों पर कार्रवाई
नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग जोन लागू करने
के निर्देश दिए गए।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
एसपी सचिन हिरेमठ ने बताया कि Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act के तहत कड़ी कार्रवाई जारी है।
केमिस्ट दुकानों का निरीक्षण
प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर कार्रवाई
रैश ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग पर ‘जीरो टॉलरेंस’
नीति अपनाई जा रही है।
बैठक में प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।