उत्तर भारत की प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल महामाया बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में इन दिनों नवरात्र मेला पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ चल रहा है। हर साल की तरह इस बार भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए त्रिलोकपुर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है।
इस बार नवरात्र मेले को खास बनाने के लिए प्रशासन द्वारा एक नई पहल की गई है। त्रिलोकपुर स्थित शिव मंदिर क्षेत्र में पहली बार श्रद्धालुओं के लिए नौकायान (Boating) सुविधा शुरू की गई है। यह पहल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।
प्रशासन का कहना है कि त्रिलोकपुर में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में उनकी सुविधाओं को बेहतर बनाना प्राथमिकता है। नौकायान की इस नई सुविधा से न केवल श्रद्धालुओं को एक नया अनुभव मिल रहा है, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिल रही है। खासकर परिवार और युवा वर्ग इस सुविधा का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान एसडीएम नाहन राजीव संख्यान ने बताया कि त्रिलोकपुर बाला सुंदरी मंदिर में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार इस दिशा में काम कर रहा है कि यहां आने वाले भक्तों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
उन्होंने बताया कि पहली बार शिव मंदिर क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के तहत नौकायान शुरू किया गया है। इस सुविधा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग इसका आनंद उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में इस तरह की और भी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
नवरात्र मेले के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल और यातायात की भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है, जिससे भीड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित किया जा सके।
त्रिलोकपुर का यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि अब पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से विकसित किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि यदि धार्मिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ा जाए, तो इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। दुकानदारों, होटल व्यवसायियों और स्थानीय लोगों को इससे सीधा लाभ होता है।
हर वर्ष आयोजित होने वाला नवरात्र मेला इस क्षेत्र की पहचान बन चुका है, जहां लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार नौकायान जैसी नई सुविधा जुड़ने से यह मेला और भी आकर्षक बन गया है।
अंत में कहा जा सकता है कि प्रशासन की यह पहल श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के साथ-साथ त्रिलोकपुर को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में इस तरह की सुविधाओं के विस्तार से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।