जिला स्तरीय तंबाकू नियंत्रण समिति की बैठक शनिवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, हितधारकों तथा राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के संचालन एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि तंबाकू सेवन एक गंभीर सामाजिक एवं स्वास्थ्य समस्या है और इससे युवाओं को दूर रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि तंबाकू मुक्त युवा अभियान 9 अक्तूबर से आरंभ होकर 8 दिसंबर तक जिले में चलेगा। अभियान के अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों एवं शहरी निकायों में व्यापक जन जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सभी गतिविधियों का अभिलेख राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, जिसकी निगरानी भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा की जाएगी।
बैठक में कोटपा अधिनियम 2003 के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई तथा सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध नियमों का सख्ती से पालन करवाने पर बल दिया गया। हिमाचल प्रदेश खुदरा व्यापार लाइसेंस अधिनियम, 2016 के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री से संबंधित नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उपायुक्त ने सभी विभागों को तंबाकू नियंत्रण अधिनियमों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से जनता को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों एवं हितधारकों को तंबाकू मुक्त युवा अभियान की प्रतिज्ञा भी दिलाई।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि प्रदेश सरकार ने तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री रोकने के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार बिना अनुमति पत्र के ढीली सिगरेट, बीड़ी तथा अन्य तंबाकू उत्पाद बेचना कानूनी अपराध होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिव तथा शहरी क्षेत्रों में नगर निकाय सचिव/कार्यकारी अधिकारी को पंजीकरण प्राधिकारी का अधिकार सौंपा गया है, जो अपने क्षेत्र में तंबाकू बिक्री पर नियंत्रण सुनिश्चित करेंगे।
उपायुक्त ने कहा कि हिमाचल प्रदेश लूज सिगरेट एवं बीड़ी बिक्री प्रतिबंध अधिनियम, 2016 को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब कोई भी दुकान, खोखा, ठेला अथवा प्रतिष्ठान तंबाकू उत्पाद बेचना चाहता है, तो उसे संबंधित पंचायत या नगर निकाय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति बिक्री करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि अनुमति पत्र के लिए आवेदन में यह सुनिश्चित किया गया है कि आवेदक ढीली सिगरेट नहीं बेचेगा, शिक्षण संस्थानों से 100 मीटर की दूरी के भीतर तंबाकू उत्पाद नहीं बेचेगा तथा 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को तंबाकू सामग्री नहीं देगा। दुकान में “18 वर्ष से कम आयु वालों को तंबाकू बेचना दंडनीय अपराध है” वाला चेतावनी पट्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि दुकान के भीतर किसी भी प्रकार का तंबाकू प्रचार प्रतिबंधित रहेगा। नकली, अवैध या प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह वर्जित होगी। नियमों के उल्लंघन पर अनुमति निरस्त की जा सकती है। यह आदेश सभी विभागों, पुलिस, पंचायत राज, नगर निकायों, चिकित्सालयों एवं बीडीओ कार्यालयों को भेज दिए गए हैं, ताकि इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
तंबाकू मुक्त गांव घोषित करने का लक्ष्य
जिला शिमला में 30 गांवों को तंबाकू मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रत्येक गांव में एक समन्वय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं विभागीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। गांव के प्रभावशाली व्यक्ति को तंबाकू एंबेसडर नियुक्त किया जाएगा, जो जागरूकता एवं पालन सुनिश्चित करेगा। निर्धारित मानकों को पूरा करने पर गांव को तंबाकू मुक्त घोषित किया जाएगा।
अभियान के तहत गतिविधियां
अभियान के अंतर्गत अब तक:
2458 IEC गतिविधियां आयोजित
639 शिक्षण संस्थान तंबाकू मुक्त घोषित
16 फ्लाइंग स्क्वाड गठित
प्रतिदिन औसतन 28 सोशल मीडिया पोस्ट
14 प्रशिक्षण VC के माध्यम से आयोजित
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी यशपाल रांटा, जिला कार्यक्रम अधिकारी (NTCP) डॉ. राखी शर्मा सहित स्वास्थ्य, शिक्षा, नगर निगम, कर एवं आबकारी विभाग तथा अन्य संस्थानों के अधिकारी उपस्थित रहे।