थुनाग कॉलेज के छात्रों का मशरूम फार्म शैक्षणिक भ्रमण

rakesh nandan

08/04/2026

हिमाचल प्रदेश के Dr. Yashwant Singh Parmar University of Horticulture and Forestry से संबद्ध औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, थुनाग (गोहर) के बी.एस.सी. तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण के तहत विद्यार्थियों ने जिला हमीरपुर के जाहु स्थित शिव शक्ति मशरूम फार्म, मनोह का दौरा किया और मशरूम उत्पादन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी हासिल की।

इस शैक्षणिक भ्रमण में कुल 62 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पाठ्यक्रम में शामिल मशरूम उत्पादन विषय की व्यवहारिक समझ प्रदान करना था। फार्म पर विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई।

🔹 मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक जानकारी

भ्रमण के दौरान छात्रों को मशरूम की विभिन्न प्रजातियों के बारे में बताया गया। विशेषज्ञों ने उन्हें उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों, कम्पोस्ट तैयार करने की प्रक्रिया, बीज (स्पॉन) के सही उपयोग और फसल प्रबंधन की तकनीकों से अवगत कराया।

इसके साथ ही विद्यार्थियों को तापमान और आर्द्रता नियंत्रण के महत्व के बारे में भी बताया गया, जो मशरूम उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है। इन सभी पहलुओं को समझने से छात्रों को उत्पादन प्रक्रिया की गहराई से जानकारी प्राप्त हुई।


🔹 पोषण और स्वास्थ्य लाभ

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मशरूम के पोषण मूल्य के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि मशरूम एक उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ है, जिसमें कई आवश्यक विटामिन और खनिज तत्व पाए जाते हैं।

इसके अलावा, मशरूम में औषधीय गुण भी होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। नियमित सेवन से यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। इस प्रकार छात्रों को न केवल उत्पादन, बल्कि इसके स्वास्थ्य संबंधी महत्व की भी जानकारी मिली।


🔹 स्वरोजगार के अवसर

भ्रमण का एक महत्वपूर्ण पहलू छात्रों को स्वरोजगार के अवसरों के बारे में जागरूक करना भी था। विशेषज्ञों ने बताया कि मशरूम उत्पादन एक कम लागत वाला व्यवसाय है, जिसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है।

बाजार में मशरूम की बढ़ती मांग के कारण यह व्यवसाय युवाओं के लिए एक अच्छा करियर विकल्प बनता जा रहा है। छात्रों को यह भी बताया गया कि सही तकनीक और प्रबंधन के साथ इस क्षेत्र में अच्छी आय अर्जित की जा सकती है।


🔹 व्यावहारिक ज्ञान से बढ़ा आत्मविश्वास

इस शैक्षणिक भ्रमण ने विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाए गए सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहार में देखने और समझने का अवसर दिया। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने कृषि आधारित उद्यमिता की संभावनाओं को भी समझा।

छात्रों ने फार्म पर विभिन्न गतिविधियों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी प्राप्त किए, जिससे उनकी समझ और मजबूत हुई।


🔹 शिक्षकों का मार्गदर्शन

इस भ्रमण के दौरान महाविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. किशोर शर्मा और डॉ. कौशल अत्री भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और इस प्रकार के कार्यक्रमों को छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ नई संभावनाओं के प्रति प्रेरित करते हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।


कुल मिलाकर, यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव साबित हुआ। इससे न केवल उनकी तकनीकी जानकारी में वृद्धि हुई, बल्कि उन्हें भविष्य में कृषि और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिली।