मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां कुल 24,000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। दिनभर मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और धार्मिक वातावरण बना रहा। प्रशासन द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आज मंदिर में कुल 10,58,330 रुपये का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ। इसके अलावा भक्तों ने आस्था के रूप में सोना और चांदी भी अर्पित की। आंकड़ों के अनुसार 22 ग्राम सोना और 8 किलोग्राम चांदी मंदिर में चढ़ाई गई। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि श्रद्धालुओं की मंदिर के प्रति गहरी आस्था और विश्वास बना हुआ है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक है। विशेष अवसर या अवकाश के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में यह बढ़ोतरी देखी गई। प्रशासन ने बताया कि सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई थी, जिससे भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सके।
इसके अलावा, मंदिर में एक विशेष विक्टोरिया सिक्का (2 रुपये) भी चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुआ, जो ऐतिहासिक महत्व रखता है। ऐसे सिक्के मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनते हैं और धार्मिक के साथ-साथ ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होते हैं।
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, सफाई और सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से दर्शन कर सकें। भीड़ के बावजूद किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।
इस बढ़ती संख्या से यह स्पष्ट है कि मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। इससे स्थानीय क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है, क्योंकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालु आसपास के बाजारों और दुकानों में भी खरीदारी करते हैं।
अंत में, मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार की व्यवस्थाएं बनाए रखी जाएंगी ताकि हर श्रद्धालु को बेहतर सुविधा मिल सके। आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।