बिलासपुर में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 शुरू

rakesh nandan

24/03/2026

विश्व क्षयरोग दिवस के अवसर पर जिला बिलासपुर में “100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0” का शुभारंभ किया गया। इस अभियान की शुरुआत उपायुक्त राहुल कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर से टीबी जागरूकता रैली और चिन्हित क्षय रोगी वाहन को हरी झंडी दिखाकर की। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, छात्राएं और अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

उपायुक्त राहुल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि क्षयरोग (टीबी) उन्मूलन के लिए केवल सरकारी प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इसमें आमजन की सक्रिय भागीदारी भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, सही उपचार और जागरूकता ही इस बीमारी को खत्म करने के सबसे प्रभावी उपाय हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस अभियान को सफल बनाएं।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत विभिन्न संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें वे लोग शामिल हैं जो पिछले दो वर्षों में टीबी से ग्रसित रहे हैं, टीबी मरीजों के संपर्क में आए व्यक्ति, 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोग, कम बॉडी मास इंडेक्स (BMI 18.5 से कम) वाले व्यक्ति, धूम्रपान करने वाले, मधुमेह से पीड़ित लोग तथा शराब सेवन करने वाले व्यक्ति शामिल हैं।

इसके अलावा, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग, कार्यस्थलों पर जोखिम वाले वातावरण में काम करने वाले कर्मचारी तथा जिले के 263 चिन्हित उच्च जोखिम वाले गांवों के निवासी भी इस अभियान के तहत विशेष रूप से कवर किए जाएंगे। यह पहल टीबी के संभावित मामलों की समय रहते पहचान करने और उन्हें उचित उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से की जा रही है।

अभियान के तहत जिला बिलासपुर में कुल 1,79,016 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके आधार पर लगभग 537 संभावित टीबी रोगियों की पहचान करने का अनुमान है, जबकि 3,580 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) के तहत कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रशासन इस अभियान को लेकर गंभीर है और व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर आयोजित जागरूकता रैली में जीएनएम स्कूल की छात्राओं और प्रशिक्षण स्टाफ ने भाग लिया। उन्होंने रैली के माध्यम से आम लोगों को टीबी के लक्षणों, समय पर जांच और मुफ्त उपचार के बारे में जानकारी दी। रैली के जरिए लोगों को यह संदेश दिया गया कि टीबी का इलाज संभव है और यदि समय पर पहचान हो जाए तो इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनंत चौहान ने भी इस अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई तभी सफल हो सकती है जब समाज का हर वर्ग इसमें अपनी जिम्मेदारी समझे और आगे आए।

उपायुक्त राहुल कुमार ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें, अपनी जांच करवाएं और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि “टीबी मुक्त बिलासपुर” का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब सभी मिलकर प्रयास करें।

यह अभियान न केवल टीबी के मामलों की पहचान और उपचार तक सीमित है, बल्कि यह समाज में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को इस बीमारी के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले दिनों में यह अभियान जिला बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।