टीबी मुक्त ऊना की ओर तेज़ी से बढ़ता जिला

rakesh nandan

30/01/2026

ऊना जिला क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। टीबी मुक्त ऊना के संकल्प को साकार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2026 तक जिले की 215 पंचायतों को क्षय रोग मुक्त घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। आधुनिक तकनीक, सुदृढ़ योजनाओं और व्यापक जन-भागीदारी के सहारे यह अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि जिले में टीबी जांच की दर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2015 में प्रति लाख जनसंख्या पर जहां केवल 655 लोगों की जांच हो पाती थी, वहीं वर्ष 2025 में ऊना ने 5063 प्रति लाख जनसंख्या की दर से टीबी जांच कर लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए नया मानक स्थापित किया है। वर्तमान में जिले के पांच अस्पतालों में अत्याधुनिक तकनीक से क्षय रोग की जांच की जा रही है।

वर्ष 2024 में जिले में 29,176 संभावित रोगियों की जांच की गई, जिनमें 802 टीबी मरीज चिन्हित हुए। वहीं वर्ष 2025 में अब तक 31,059 संभावित रोगियों की जांच की जा चुकी है, जिनमें 530 मामलों की पुष्टि हुई है। शीघ्र पहचान, समयबद्ध उपचार और पोषण सहायता को प्राथमिकता देते हुए विभाग द्वारा रोगियों की निरंतर निगरानी की जा रही है।

अब तक जिले की 105 पंचायतों को क्षय रोग मुक्त घोषित कर सम्मानित किया जा चुका है, जबकि वर्ष 2025 के लिए 163 पंचायतों को क्षय रोग मुक्त पंचायत घोषित करने की प्रक्रिया जारी है। स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से गांव-स्तर तक जागरूकता अभियान चलाकर समय पर रोग पहचान सुनिश्चित की जा रही है।

जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. विशाल ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में 81,798 एक्स-रे किए जा चुके हैं और वर्ष 2026 में एक लाख से अधिक एक्स-रे करने का लक्ष्य रखा गया है। उच्च जोखिम वाली जनसंख्या के सर्वाधिक एक्स-रे कराने के लिए ऊना जिले को वर्ष 2025 में राज्य स्तर पर दो स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया है।

उन्होंने बताया कि सभी टीबी रोगियों को निक्षय पोषण योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है, जबकि गंभीर श्रेणी के रोगियों को मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना के अंतर्गत अतिरिक्त 1500 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त जिले में 560 निक्षय शिविर आयोजित किए जा चुके हैं तथा 100 स्कूलों, 245 ग्राम पंचायतों और 80 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में टीबी जागरूकता से संबंधित आईईसी दीवारें स्थापित की गई हैं।

उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को पूरी गंभीरता और प्रभावशीलता के साथ लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन के समन्वित प्रयासों से ऊना जिला तय समय से पहले टीबी मुक्त बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।