विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्रीय अस्पताल रिकांग पिओ के सम्मेलन कक्ष में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और टीबी उन्मूलन को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार टीबी उन्मूलन के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि सरकार विशेष रूप से संवेदनशील वर्गों में नियमित जांच सुनिश्चित कर रही है और दूर-दराज व दुर्गम क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य यह है कि लोग इस बीमारी के प्रति जागरूक हों और समय पर जांच व उपचार करवाएं।

उन्होंने कहा कि टीबी जैसी बीमारी को लेकर समाज में अब भी कई भ्रांतियां और सामाजिक कलंक जुड़े हुए हैं, जिन्हें दूर करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे टीबी से ग्रस्त मरीजों को सामाजिक रूप से अलग-थलग न करें, बल्कि उनका सहयोग करें ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपना उपचार करवा सकें और सामान्य जीवन जी सकें।
उपायुक्त ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा टीबी के उपचार के लिए निःशुल्क दवाइयों की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को टीबी के लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच करवानी चाहिए। समय पर जांच और नियमित उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
उन्होंने “टीबी मुक्त किन्नौर” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामुदायिक भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने और आशा वर्कर्स तथा स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान की सराहना की, जो घर-घर जाकर लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान रिकांग पिओ के विभिन्न सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा नारा लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताओं में भाग लिया गया। इन प्रतियोगिताओं का विषय “टीबी मुक्त किन्नौर” रखा गया था। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को उपायुक्त द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाएं और समाज को इस बीमारी से मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी किन्नौर डॉ. राकेश नेगी ने जिले में टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित स्क्रीनिंग, उपचार और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य डॉ. सूर्या बोरस नेगी को टीबी उन्मूलन अभियान में तीसरी बार उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों और समाज के प्रति उनके योगदान को दर्शाता है।
इस अवसर पर जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रवीण शर्मा, जिला क्षय अधिकारी डॉ. सुधीर नेगी, चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. अविनाश नेगी, डॉ. स्वाति नेगी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

यह कार्यक्रम न केवल टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने का माध्यम बना, बल्कि लोगों को इस बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और समय पर उपचार के लिए प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ। ऐसे आयोजनों के माध्यम से सरकार और स्वास्थ्य विभाग “टीबी मुक्त भारत” और “टीबी मुक्त किन्नौर” के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं।