नलवाड़ी मेले में सतलुज महाआरती, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

rakesh nandan

18/03/2026

जिला बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026 के पावन अवसर पर लुहणु घाट में भव्य सतलुज महाआरती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

सतलुज नदी के तट पर आयोजित इस महाआरती में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे घाट क्षेत्र में भक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

मंत्री राजेश धर्माणी ने इस अवसर पर कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को सुदृढ़ करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि सतलुज महाआरती केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का भी एक माध्यम है।

उन्होंने जिला और प्रदेश के सभी लोगों के लिए सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को एकजुट करने और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला के अध्यक्ष एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने कहा कि नलवाड़ी मेला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की पहचान और गौरव का प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि सतलुज महाआरती का आयोजन मेले के प्रमुख आकर्षणों में से एक है, जो हर वर्ष श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस आयोजन के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था को बल मिलता है, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण और नदी के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।

इस अवसर पर स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बड़ी संख्या उपस्थित रही। लोगों ने पूरे श्रद्धा भाव से आरती में भाग लिया और सतलुज नदी के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

विशेष रूप से शाम के समय जब घाट पर दीपों की श्रृंखला सजाई गई और आरती की गूंज चारों ओर फैल गई, तो पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। यह दृश्य लोगों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

कार्यक्रम के आयोजकों ने इस अवसर को सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से लोगों को नदियों की स्वच्छता और संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

नलवाड़ी मेला-2026 के तहत आयोजित यह सतलुज महाआरती न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि इसने क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊर्जा प्रदान की।

अंत में यह कहा जा सकता है कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ लोगों को अपनी परंपराओं और प्रकृति से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन रहे हैं।