सुरेश कश्यप बोले: जनजातीय समाज बना विकास भागीदार

rakesh nandan

28/03/2026

भाजपा नेता एवं सांसद Suresh Kashyap ने Himachal Pradesh National Law University, शिमला द्वारा आयोजित “जनजातीय पहचान और शासन” विषयक राष्ट्रीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने जनजातीय समाज के अधिकार, पहचान, सांस्कृतिक विरासत और समग्र विकास को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने महान जननायक Birsa Munda को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का संघर्ष आज भी जनजातीय समाज को अपने अधिकारों और आत्मसम्मान के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार ने 15 नवंबर को Janjatiya Gaurav Divas के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया, जिससे जनजातीय नायकों को राष्ट्रीय पहचान मिली है।

सांसद कश्यप ने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 24,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज प्रदान किया गया है। इस पैकेज के तहत सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेजी से विकास किया गया है।

उन्होंने Droupadi Murmu के राष्ट्रपति बनने को जनजातीय समाज के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि यह देश में समान अवसर और समावेशी विकास का प्रतीक है।

शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने Eklavya Model Residential Schools (EMRS) का जिक्र करते हुए बताया कि देशभर में 740 से अधिक विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 3.5 लाख से अधिक जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा मिल रही है। उन्होंने कहा कि आज दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे भी IIT और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।

आर्थिक सशक्तिकरण के लिए Van Dhan Vikas Kendra योजना के तहत 3000 से अधिक केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनसे 10 लाख से अधिक जनजातीय परिवार जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही लघु वनोपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू कर जनजातीय समुदाय की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में Ayushman Bharat योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि Jal Jeevan Mission के तहत लाखों घरों तक नल से जल पहुंचाया गया है, जबकि Pradhan Mantri Awas Yojana के माध्यम से पक्के घर उपलब्ध कराए गए हैं। डिजिटल इंडिया पहल के जरिए इंटरनेट सेवाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया गया है, जिससे जनजातीय समाज भी तकनीकी रूप से सशक्त हो रहा है।

सांसद कश्यप ने PM-JANMAN योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विशेष रूप से अत्यंत कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के लिए शुरू की गई है, जिससे समाज के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने जनजातीय संस्कृति को भी बढ़ावा दिया है। Tribal Freedom Fighters Museums और Aadi Mahotsav जैसे आयोजनों के माध्यम से जनजातीय कला, संस्कृति और उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) प्रीत सक्सेना, प्रोफेसर डॉ. हरीश कुमार, रजिस्ट्रार आलोक कुमार और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इसके अलावा भाजपा के विभिन्न पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

अपने संबोधन के अंत में सांसद कश्यप ने विश्वविद्यालय प्रशासन को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम जनजातीय समाज से जुड़े मुद्दों पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे प्रयास भविष्य की नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

यह कार्यक्रम न केवल जनजातीय समाज की पहचान और अधिकारों पर केंद्रित था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आज जनजातीय समुदाय देश के विकास में एक सक्रिय भागीदार बन चुका है।