कांग्रेस का संविधान प्रेम दिखावटी: सांसद सुरेश कश्यप

rakesh nandan

06/12/2025

हिमाचल भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस नेताओं के हालिया बयानों को राजनीतिक पाखंड करार देते हुए कहा कि कांग्रेस को संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की चिंता दिखाना केवल एक दिखावटी प्रयास है।

“कांग्रेस ही संविधान के साथ सबसे बड़ा अन्याय करने वाली पार्टी” – कश्यप

उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने दशकों तक संविधान का दुरुपयोग किया और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को कमजोर किया, वही आज संवैधानिक मूल्यों की आड़ लेकर भाजपा पर आरोप लगा रही है।
कश्यप ने कहा:

  • देश में सबसे अधिक बार अनुच्छेद 356 लगाकर राज्यों की सरकारें कांग्रेस ने गिराईं।

  • आपातकाल थोपकर नागरिकों के अधिकार छीने गए।

  • कमजोर वर्गों को कांग्रेस ने सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया।

“राहुल गांधी को संविधान का रक्षक बताना कांग्रेस की हताशा”

सांसद कश्यप ने कहा कि कांग्रेस आज बाबा साहेब के नाम पर सहानुभूति बटोरने का प्रयास कर रही है, जबकि उनके शासन में दलित, पिछड़े और वंचित वर्ग सबसे अधिक शोषित हुए।

“भाजपा ने अंबेडकर के सपनों को धरातल पर उतारा”

कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने संविधान और सामाजिक न्याय को मजबूत बनाने के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं:

  • बाबा साहेब के पंचतीर्थों का निर्माण

  • संविधान दिवस का राष्ट्रीय आयोजन

  • SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम को सुदृढ़ करना

  • गरीब और वंचित वर्गों के लिए डायरेक्ट बेनिफिट योजनाएँ

ये सभी कदम अंबेडकर के विचारों के प्रति भाजपा की सच्ची श्रद्धा का प्रमाण हैं।

कांग्रेस पर प्रतीकात्मक राजनीति का आरोप

उन्होंने विनय कुमार द्वारा दिए बयान को भी खोखला बताते हुए कहा कि कांग्रेस केवल प्रतीकात्मक राजनीति करती है, जबकि भाजपा ने वास्तविक सामाजिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है।

“हिमाचल में SC और कमजोर वर्गों के लिए कांग्रेस ने क्या किया?”

सुरेश कश्यप ने कहा कि सीएम सुक्खू को बताना चाहिए कि पिछले तीन वर्षों में उनकी सरकार ने दलित और कमजोर वर्गों के हित में क्या ठोस कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि:

“बाबा साहेब के संविधान को आज सबसे मजबूत हाथ भाजपा के हैं। भाजपा सदैव राष्ट्रहित, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करती आई है और आगे भी करती रहेगी।”