हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक मेलों और सांस्कृतिक आयोजनों की अपनी अलग ही पहचान है। ऐसे ही एक पारंपरिक आयोजन, छिंज मेले का आयोजन ग्राम पंचायत अघार के गांव धनवीं में किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम के दौरान छिंज कमेटी और स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्य अतिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे, जिससे मेले का माहौल उत्साह और उमंग से भर गया। ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से अतिथि का सम्मान करते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत की झलक भी प्रस्तुत की।
अपने संबोधन में सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा कि इस प्रकार के पारंपरिक मेले हमारी संस्कृति और परंपराओं के संवाहक होते हैं। ये आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम होते हैं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के आयोजनों को बढ़ावा देना आवश्यक है, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहे।
इस अवसर पर उन्होंने छिंज कमेटी को ₹11,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने गांव के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान देते हुए सड़क की मरम्मत और खेल मैदान के लिए धनराशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
छिंज मेला हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिसमें स्थानीय पहलवान अपने कौशल का प्रदर्शन करते हैं। यह मेला ग्रामीण खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करता है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में भी मदद मिलती है।
कार्यक्रम में राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर, एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के बीओडी सदस्य विक्रम शर्मा, एचपीएमसी के बीओडी सदस्य राजेश ठाकुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश आनंद, राकेश वर्मा, टिंकू और अन्य स्थानीय प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस दौरान वक्ताओं ने नशा मुक्त समाज बनाने पर भी जोर दिया और युवाओं से अपील की कि वे खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों की ओर अग्रसर हों। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देते हैं।
स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए छिंज कमेटी की सराहना की और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन होता रहेगा। मेले के दौरान पारंपरिक खेलों और सांस्कृतिक गतिविधियों ने लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।
अंत में मुख्य अतिथि ने आयोजन समिति और स्थानीय लोगों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, खेल सुविधाओं के विस्तार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है।
यह छिंज मेला न केवल एक खेल आयोजन रहा, बल्कि यह क्षेत्र की संस्कृति, एकता और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बनकर उभरा।