हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर में सात दिवसीय नलवाड़ एवं किसान मेला का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने नागौण खड्ड में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ खूंटा गाड़कर वृषभ पूजन किया। इससे पहले लोक निर्माण विश्राम गृह से एक भव्य शोभा यात्रा भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।
जवाहर पार्क में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि मेले और पर्व हमारी पुरातन संस्कृति के संवाहक होते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से हमें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलती है। उन्होंने बताया कि सुंदरनगर का नलवाड़ मेला पूर्व सुकेत रियासत के राजाओं द्वारा शुरू किया गया था और आज भी इसकी पारंपरिक पहचान बरकरार है।

उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में यह मेला उत्तरी भारत के सबसे बड़े पशु मेलों में से एक था। हालांकि आधुनिक युग में खेती के तौर-तरीकों में बदलाव आया है और ट्रैक्टरों का उपयोग बढ़ा है, फिर भी इस मेले ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखा है। यह मेला आज भी प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा है।
मंत्री ने कहा कि इस मेले के दौरान आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद प्रतियोगिताएं न केवल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करती हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करती हैं। देश के विभिन्न राज्यों से कलाकार, खिलाड़ी और व्यापारी यहां पहुंचते हैं, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में मेलजोल बढ़ाने और मनोरंजन का माध्यम बनने के साथ-साथ हमारी संस्कृति को संजोने का कार्य करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी परंपराओं को संरक्षित रखें और आने वाली पीढ़ियों को भी इससे जोड़ें।

इस अवसर पर मंत्री राजेश धर्माणी ने प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बजट में ग्रामीण विकास, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार द्वारा कई नई योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने किसानों के लिए किए गए प्रावधानों का जिक्र करते हुए बताया कि गाय के दूध का समर्थन मूल्य ₹61 प्रति लीटर और भैंस के दूध का ₹71 प्रति लीटर निर्धारित किया गया है। इसके अलावा अदरक का समर्थन मूल्य ₹30 प्रति किलोग्राम और हल्दी का मूल्य बढ़ाकर ₹150 प्रति किलोग्राम किया गया है। गेहूं का समर्थन मूल्य ₹60 और मक्की का ₹50 तय किया गया है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।

शिक्षा क्षेत्र में सुधार पर उन्होंने कहा कि प्रदेश का स्थान पहले 21वें स्थान पर था, जो अब बढ़कर पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 199 सीबीएसई स्कूल खोले जा रहे हैं और तकनीकी शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाया जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञों की कमी को दूर किया जा रहा है। साथ ही, वर्ष 2023 और 2025 में आई प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रभावित परिवारों को राज्य सरकार द्वारा ₹7 से ₹8 लाख तक की सहायता प्रदान की गई है।
उन्होंने कहा कि अप्रैल माह से “खेलो हिमाचल” और “चिट्टा मुक्त अभियान” जैसे कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जो युवाओं को खेलों और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने में मदद करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में मेला समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमूह का स्वागत किया। उन्होंने मेले के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मेला केवल पशुओं के क्रय-विक्रय का केंद्र नहीं है, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक भी है।
इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे, जिनमें विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।
