सुंदरनगर में सुकेत देवता मेले का शुभारंभ

rakesh nandan

23/03/2026

हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर में राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेले का शुभारंभ बड़े ही धूमधाम और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के विधायक रघुबीर सिंह बाली ने इस ऐतिहासिक मेले का विधिवत उद्घाटन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत शुकदेव वाटिका में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद शुकदेव वाटिका से जवाहर पार्क तक एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों और देव संस्कृति की झलक के साथ यह शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही। जवाहर पार्क पहुंचकर आर.एस. बाली ने मेले का ध्वज फहराकर इसका औपचारिक उद्घाटन किया।

जनसभा को संबोधित करते हुए रघुबीर सिंह बाली ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मेलों की समृद्ध परंपरा में सुकेत देवता मेला एक विशेष स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि यह मेला रियासतकाल से मनाया जा रहा है और शुकदेव ऋषि की तपोस्थली में आयोजित होने के कारण इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता और भी बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मेले और त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि ये हमारी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन समाज में भाईचारे को बढ़ावा देते हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं।

इस बार के मेले की एक विशेष बात यह रही कि लगभग 180 वर्षों के बाद उपमंडल करसोग के महोग क्षेत्र से गढ़पति नाग चवासी सिद्ध पैदल यात्रा करते हुए मेले में पहुंचे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर ने मेले की गरिमा को और भी बढ़ा दिया है।

आर.एस. बाली ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार की ओर से लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देव परंपराओं को संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की पहचान उसकी देव संस्कृति और परंपराओं से है, जिसे संजोकर रखना बेहद जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मेले न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक इन मेलों के माध्यम से हिमाचल की संस्कृति और परंपराओं से परिचित होते हैं।

इस अवसर पर उन्होंने सुकेत सर्व देवता कमेटी को ₹51,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा बंद पड़े पर्यटन होटलों को पुनः शुरू किया जा रहा है। साथ ही मंडी जिले में स्थित शिव धाम को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए लगभग ₹33 करोड़ का टेंडर जारी किया जा चुका है और कार्य प्रगति पर है।

कार्यक्रम में उपमंडलाधिकारी सुंदरनगर एवं मेला समिति के अध्यक्ष अमर नेगी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और मेले की जानकारी साझा की। इस दौरान विभिन्न गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी भी उपस्थित रहे।

अंत में कहा जा सकता है कि सुकेत देवता मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का जीवंत उदाहरण भी है, जो हर वर्ष लोगों को एकजुट करने का कार्य करता है।