हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक नगर सुजानपुर टीहरा में आयोजित होने वाला राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव–2026 इस बार पहले से अधिक भव्य और आकर्षक होने जा रहा है। आयोजन समिति ने उत्सव को यादगार बनाने के लिए कई नई गतिविधियों को शामिल किया है, वहीं चारों सांस्कृतिक संध्याओं में देश और प्रदेश के नामी कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष उत्सव को सांस्कृतिक विविधता और जनभागीदारी के नए आयाम देने का प्रयास किया गया है। विशेष रूप से पंजाबी और हिमाचली कलाकारों की संयुक्त प्रस्तुतियां इस बार मुख्य आकर्षण रहेंगी।
पहली सांस्कृतिक संध्या: बब्बू मान का धमाल
रविवार को आयोजित होने वाली पहली सांस्कृतिक संध्या में पंजाबी संगीत जगत के प्रसिद्ध गायक बब्बू मान मुख्य आकर्षण होंगे। उनके साथ हिमाचल प्रदेश पुलिस का मशहूर ऑर्केस्ट्रा Harmony of Pines भी प्रस्तुति देगा। इसके अलावा कई स्थानीय हिमाचली कलाकार भी मंच साझा करेंगे। आयोजकों के अनुसार पहले दिन हजारों दर्शकों के पहुंचने की संभावना है।
दूसरी संध्या: मनकीरत औलख और हिमाचली सितारे
दूसरी सांस्कृतिक संध्या के मुख्य आकर्षण पंजाबी गायक मनकीरत औलख होंगे। उनके साथ ममता भारद्वाज और धीरज शर्मा सहित अन्य हिमाचली स्टार कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। युवाओं में मनकीरत औलख की लोकप्रियता को देखते हुए इस दिन विशेष भीड़ की उम्मीद की जा रही है।
तीसरी संध्या: सुनंदा शर्मा और अनुज शर्मा
तीसरी सांस्कृतिक संध्या में पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा अपनी मधुर आवाज से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। उनके साथ हिमाचली स्टार गायक अनुज शर्मा भी प्रस्तुति देंगे। आयोजकों के अनुसार यह संध्या पारंपरिक और आधुनिक संगीत का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगी।
अंतिम संध्या: हिमाचली कलाकारों के नाम
उत्सव की चौथी और अंतिम सांस्कृतिक संध्या पूरी तरह हिमाचली कलाकारों के नाम रहेगी। इसमें कुमार साहिल सहित कई नामी कलाकार मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। स्थानीय लोक संस्कृति, नाटी और पारंपरिक प्रस्तुतियां इस दिन की विशेषता रहेंगी।
ऐतिहासिक किले से उड़ेंगी आकाशीय लालटेनें
उत्सव का उद्घाटन 1 मार्च की शाम ऐतिहासिक टीहरा किला से किया जाएगा। किले से उत्सव स्थल चौगान तक आकाशीय लालटेनें उड़ाई जाएंगी, जिससे सुजानपुर का आसमान रोशनी से जगमगा उठेगा। किले परिसर में दीप प्रज्ज्वलन भी किया जाएगा, जो सांस्कृतिक विरासत और परंपरा का प्रतीक होगा।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
उपायुक्त ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इनमें रंगोली, मेहंदी, लैमन रेस, जूट बैग रेस, झमाकड़ा, म्यूजिकल चेयर, मटका फोड़ और रस्साकशी जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने सभी जिलावासियों और प्रदेशवासियों से राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं ताकि हजारों की संभावित भीड़ के बीच कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव 2026 न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि यह पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा। चार दिवसीय यह आयोजन सुजानपुर की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।