कांग्रेस पर सुधीर शर्मा का हमला, “सब कुछ बिगड़ चुका”

rakesh nandan

08/04/2026

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। भाजपा नेता एवं विधायक सुधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार और संगठन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब पार्टी के भीतर कुछ भी ठीक नहीं बचा है।

सुधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने “व्यवस्था परिवर्तन” का नारा देकर सत्ता हासिल की थी, लेकिन वर्तमान स्थिति “व्यवस्था पतन” की ओर बढ़ती नजर आ रही है। उनके अनुसार, सरकार और संगठन दोनों ही स्तरों पर गहरी अंतर्कलह और असंतोष देखने को मिल रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी मौजूदा हालात से संतुष्ट नहीं हैं और खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के बड़े नेताओं की स्थिति “नाम के नेता, काम के बाहर” जैसी हो गई है। उन्होंने कहा कि जब वरिष्ठ पदाधिकारियों के काम ही नहीं हो पा रहे हैं, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा।

मुख्यमंत्री और उनके करीबी लोगों पर निशाना साधते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि सरकार कुछ चुनिंदा व्यक्तियों के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि फैसले योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि नजदीकियों के आधार पर लिए जा रहे हैं। इससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में कांग्रेस नेताओं के बयानों से यह साफ झलक रहा है कि पार्टी के भीतर समन्वय की कमी है। नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं और आपसी मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। उनके अनुसार, यह स्थिति सरकार के लिए चिंता का विषय होनी चाहिए।

सुधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अब एक संगठित सरकार के बजाय आंतरिक संघर्षों में उलझी हुई दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस अब सरकार कम और संघर्ष ज्यादा बन गई है—अंदर ही अंदर लड़ाई और बाहर जनता की अनदेखी।” यह टिप्पणी प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है।

उन्होंने कांग्रेस सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह जनता के मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है। महंगाई, बेरोजगारी और विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इससे आम जनता में असंतोष बढ़ रहा है।

भाजपा नेता ने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब कांग्रेस सरकार से निराश हो चुकी है और आने वाले समय में बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार “अव्यवस्था और अहंकार” का प्रतीक बन गई है, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है। ऐसे बयान राजनीतिक माहौल को और गर्माते हैं और जनता के बीच चर्चा का विषय बनते हैं।

कुल मिलाकर, सुधीर शर्मा का यह बयान प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म देता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।