जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में पशुपालन विभाग द्वारा सड़कों पर विचरण कर रहे आवारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध करवाने, उनके संरक्षण तथा पुनर्वास व्यवस्था को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता ओम कांत ठाकुर ने की। बैठक में आवारा पशुओं की देखभाल, पुनर्वास, यातायात व्यवस्था एवं जनसुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिला बिलासपुर के अंतर्गत फोरलेन सहित अन्य प्रमुख सड़कों पर विचरण कर रहे आवारा पशुओं को सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षित रूप से हटाकर गोसदनों में स्थानांतरित करने की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त ने प्रशासन एवं पशुपालन विभाग के आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि आवारा पशुओं को समयबद्ध ढंग से गोसदनों तक पहुंचाया जाए, ताकि यातायात व्यवस्था बाधित न हो और जनसुरक्षा बनी रहे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सड़कों से उठाए गए सभी आवारा पशुओं का माहवार एवं स्रोतवार रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा। पशुओं की मृत्यु की स्थिति में कारणों की तत्काल रिपोर्टिंग तथा आवश्यकता अनुसार पोस्टमार्टम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे जवाबदेही तय की जा सके।
गौसदनों में पशुओं के स्वास्थ्य, चारे एवं स्वच्छता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए पशु चिकित्सा अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा निरीक्षण पर भी जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त ई-गोपाल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए योजना को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ लागू करने तथा गोसदनों में रखे गए सभी पशुओं की शत-प्रतिशत टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी अवगत करवाया गया कि केंद्र सरकार के फोरकास्ट के अनुसार आगामी अवधि में जिला बिलासपुर में लम्पी स्किन डिजीज फैलने की संभावना है। इसको लेकर अतिरिक्त उपायुक्त ने जिला में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से भी अपील की कि वे समय रहते अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाएं।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिला बिलासपुर में वर्तमान में 14 गौ सदन कार्यशील हैं, जिनमें कुल 1561 गोवंश रह रहे हैं। इनमें से 1325 गोवंश को सरकार द्वारा निर्धारित असिस्टेंस प्रदान की जा रही है। गौसदन संचालकों द्वारा रखी गई समस्याओं को सुनते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
बैठक में उप निदेशक विनोद कुंदी सहित जिला के सभी 14 गौ सदनों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
