धर्मपुर में योजनाओं की समीक्षा, एसएनपी पर जोर

rakesh nandan

22/02/2026

धर्मपुर में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

Dr. S.P. Katyal, अध्यक्ष राज्य खाद्य आयोग ने शनिवार को धर्मपुर उपमंडल कार्यालय में आयोजित बैठक में बाल विकास परियोजना धर्मपुर के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन प्रोग्राम (एसएनपी) तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।


आंगनवाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण के निर्देश

अध्यक्ष ने बाल विकास परियोजना अधिकारी के माध्यम से सभी पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन का समुचित भंडारण और समय पर वितरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इसके साथ ही लाभार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप हॉट कुक्ड मील उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।


राशन आपूर्ति में देरी पर चिंता

अध्यक्ष ने HIMFED तथा सिविल सप्लाई विभाग के माध्यम से आईसीडीएस परियोजनाओं के लिए राशन आपूर्ति में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


भंडारण केंद्रों का निरीक्षण

बैठक के दौरान सिविल सप्लाई के भंडारण केंद्रों का निरीक्षण भी किया गया। अध्यक्ष ने राशन की गुणवत्ता और रख-रखाव की स्थिति का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां सरकारी गोदाम उपलब्ध नहीं हैं, वहां उपयुक्त भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव भेजे जाएं, ताकि भविष्य में भंडारण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।


अधिकारियों की उपस्थिति

बैठक में उपमंडलाधिकारी (नागरिक) धर्मपुर जोगिंदर पटयाल, बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मपुर बालम राम तथा सिविल सप्लाई विभाग के निरीक्षक देश राज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने पर बल दिया गया।


निष्कर्ष

राज्य खाद्य आयोग अध्यक्ष डॉ एस.पी. कत्याल की अध्यक्षता में आयोजित इस समीक्षा बैठक में एसएनपी और पीएमएमवीवाई जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के प्रभावी संचालन पर विशेष ध्यान दिया गया। आंगनवाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी, समय पर राशन आपूर्ति और भंडारण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के निर्देशों से लाभार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।