सिरमौर में राज्य खाद्य आयोग अध्यक्ष का औचक निरीक्षण
डॉ. एस.पी. कटयाल, अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य आयोग ने जिला सिरमौर के विभिन्न संस्थानों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, उचित मूल्य की दुकानों और केंद्रीय कारागार का दौरा कर खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता तथा वितरण व्यवस्था की जांच की। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर कमियां पाई गईं, जिनके सुधार के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में की गई जांच
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. एसपी कटयाल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जिले के कई प्राइमरी और मिडिल स्कूलों का दौरा किया गया। इसके साथ ही बनोग और देवका पुडला आंगनबाड़ी केंद्रों का भी औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड-डे-मील और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच की गई। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर व्यवस्थाओं में खामियां सामने आईं। कुछ स्थानों पर खाद्य सामग्री के रखरखाव और स्वच्छता को लेकर भी कमियां देखी गईं।
स्वच्छता व्यवस्था में भी मिली कमियां
डॉ. कटयाल ने कहा कि कई संस्थानों में स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद्य सामग्री के भंडारण और वितरण के साथ-साथ स्वच्छता मानकों का भी कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को दी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
केंद्रीय कारागार नाहन का भी किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान डॉ. एसपी कटयाल ने नाहन स्थित आदर्श केंद्रीय कारागार का भी दौरा किया। यहां उन्होंने कैदियों को उपलब्ध करवाई जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और भोजन व्यवस्था का निरीक्षण किया। इसके साथ ही जेल परिसर में चल रही विभिन्न गतिविधियों और व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैदियों को उपलब्ध करवाई जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और निर्धारित मानकों का पालन किया जाए।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की कम उपस्थिति चिंता का विषय
निरीक्षण के दौरान डॉ. कटयाल ने कहा कि कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों की संख्या अपेक्षाकृत कम पाई गई, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध करवाना है। इसलिए संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अधिक से अधिक बच्चे इन केंद्रों से जुड़ें और उन्हें योजनाओं का लाभ मिले।
खामियों पर जांच और कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए डॉ. एसपी कटयाल ने संबंधित विभागों को जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी लापरवाही सामने आएगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के समक्ष रखी जाएगी रिपोर्ट
डॉ. कटयाल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों और व्यवस्थाओं से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश सरकार के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि खाद्य सुरक्षा से संबंधित योजनाओं का लाभ सही तरीके से लोगों तक पहुंच सके।
खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास
उन्होंने कहा कि राज्य खाद्य आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक सही तरीके से पहुंचे। इसके लिए समय-समय पर विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया जाता है और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि खाद्य वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।