सोलर सिंचाई से बदली किसान छज्जू राम की किस्मत

rakesh nandan

08/03/2026

मेहनत और सरकारी सहयोग से बदली किसान की तकदीर

करसोग क्षेत्र के कामाक्षा गांव के किसान छज्जू राम वर्मा ने यह साबित कर दिया है कि यदि मेहनत, आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किया जाए तो खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है। कभी सूखी और अनुपजाऊ पड़ी उनकी लगभग 25 बीघा जमीन आज हरी-भरी फसलों से लहलहा रही है और उनके परिवार के जीवन में खुशहाली लेकर आई है।


बारिश पर निर्भर थी खेती

कुछ वर्ष पहले तक छज्जू राम पारंपरिक तरीके से खेती करते थे। उनकी खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर थी। पानी की कमी के कारण खेतों में पर्याप्त सिंचाई नहीं हो पाती थी, जिससे उत्पादन भी कम होता था और आय सीमित रहती थी। इस कारण परिवार का गुजारा करना भी मुश्किल हो जाता था।


सोलर पावर प्लांट से मिला समाधान

परिस्थितियों में बदलाव तब आया जब उन्होंने राज्य सरकार की आर्थिक सहायता योजना के तहत 4 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाने का निर्णय लिया। इस सोलर प्लांट की कुल लागत लगभग 2 लाख 70 हजार रुपये थी। इसमें से 90 प्रतिशत खर्च सरकार द्वारा वहन किया गया, जबकि केवल 10 प्रतिशत राशि छज्जू राम ने स्वयं लगाई। सौर ऊर्जा से उत्पन्न बिजली की मदद से उन्होंने खेतों में मोटर चलाकर सिंचाई की स्थायी व्यवस्था कर ली।


बंजर जमीन पर लहलहाने लगी फसलें

सिंचाई की सुविधा मिलने के बाद उनकी खेती की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। जहाँ पहले जमीन बंजर पड़ी रहती थी, वहीं अब विभिन्न प्रकार की नगदी फसलें उगाई जा रही हैं। वे मौसम के अनुसार कई प्रकार की सब्जियां उगाते हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • मटर

  • टमाटर

  • शिमला मिर्च

  • हरी मिर्च

इसके अलावा उन्होंने अपने खेतों में प्लम (आलूबुखारा) का बगीचा भी लगाया है, जिससे उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार हुए हैं।


उत्पादन और आय में हुई बढ़ोतरी

बेहतर सिंचाई और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने से उनकी खेती का उत्पादन काफी बढ़ गया है। पहले जहां आय बहुत सीमित थी, वहीं अब उनकी वार्षिक आय लगभग 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच गई है। इस आर्थिक सुधार ने उनके परिवार के जीवन स्तर को काफी बेहतर बना दिया है।


परिवार के जीवन में आया बदलाव

खेती में आई सफलता के कारण छज्जू राम का परिवार अब आर्थिक रूप से पहले से अधिक मजबूत हो गया है। अब वे अपने बच्चों की शिक्षा और भविष्य की योजनाओं पर भी ध्यान दे पा रहे हैं। उनका कहना है कि खेती में नई तकनीकों का उपयोग करने से किसानों की आय में काफी सुधार हो सकता है।


सौर ऊर्जा किसानों के लिए वरदान

छज्जू राम वर्मा राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि यदि ऐसी योजनाओं का लाभ अधिक किसानों तक पहुंचे तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। उनके अनुसार सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणाली किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है

इससे किसानों को कई लाभ मिलते हैं:

  • बिजली खर्च में कमी

  • सिंचाई के लिए स्थायी व्यवस्था

  • बारिश पर निर्भरता में कमी

  • उत्पादन में वृद्धि


किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण

छज्जू राम की कहानी केवल एक किसान की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि उन हजारों किसानों के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी के कारण खेती छोड़ने के बारे में सोचते हैं। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि किसान सरकारी योजनाओं और आधुनिक तकनीकों का सही उपयोग करें तो खेती को एक लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।