हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। सत्र में एमएसएमई उद्यमियों, हरोली ब्लॉक इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया।
उद्योगों को आधुनिक तकनीक अपनाने का भरोसा
डीआईसी ऊना की प्रबंधक कमला देवी ने उद्योगों को आधुनिक तकनीक अपनाने में सरकार की योजनाओं और सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार स्थानीय उद्योगों को डिजिटल और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
डिजिटल परिवर्तन पर जोर
हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल, उपाध्यक्ष नागेंद्र सिंह, महासचिव रोहित वर्मा और वरिष्ठ सलाहकार आर.सी. तनेजा ने कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल परिवर्तन अब समय की आवश्यकता है और इससे उत्पादन प्रक्रिया अधिक तेज, सुरक्षित और कुशल बनती है।
ऑटोमेशन और एआई आधारित समाधान प्रस्तुत
सत्र में सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के विशेषज्ञों ने उद्योगों में ऑटोमेशन, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपनाने के सरल, व्यावहारिक और किफायती उपाय बताए। उन्होंने मशीन डाउनटाइम कम करने, उत्पाद दोष दर घटाने, ऊर्जा बचत और रीयल-टाइम डेटा विश्लेषण के आधार पर त्वरित निर्णय लेने के लाभ समझाए।
स्थानीय उद्योगों में बढ़ी तकनीकी रुचि
सत्र में स्थानीय उद्योगों ने प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस, डिजिटल इन्वेंट्री मैनेजमेंट और डेटा-संचालित उत्पादन प्रणालियों में गहरी रुचि दिखाई। कई इकाइयों ने विशेषज्ञों से सहयोग की भी मांग की।
डिजिटल उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
इस जागरूकता सत्र ने स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को आधुनिक तकनीक अपनाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में प्रेरित किया। सत्र ने औद्योगिक क्षेत्र को डिजिटल और स्मार्ट उत्पादन की नई दिशा प्रदान की।