सिरमौर में HPV टीकाकरण, 6 चरणों में अभियान

rakesh nandan

27/03/2026

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान किशोरियों को एक गंभीर और जानलेवा बीमारी से सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश प्रताप ने जानकारी देते हुए बताया कि यह टीकाकरण अभियान छह चरणों में आयोजित किया जाएगा। इसके तहत 29 मार्च, 5 अप्रैल, 12 अप्रैल, 19 अप्रैल, 10 मई और 24 मई 2026 को जिले के छह चिकित्सा खंडों में चयनित स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण किया जाएगा।

इस अभियान के अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को यह वैक्सीन लगाई जाएगी, जो पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध होगी।

19 कोल्ड चेन केंद्रों पर होगी व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान के सफल संचालन के लिए जिले में 19 कोल्ड चेन स्थल निर्धारित किए हैं, जहां वैक्सीन का सुरक्षित भंडारण और वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।

इनमें प्रमुख रूप से मेडिकल कॉलेज नाहन, सिविल अस्पताल ददाहू, सीएचसी संगडाह, हरिपुरधार, नोहराधार, राजपुर, पांवटा साहिब, शिलाई, राजगढ़, सराहां सहित विभिन्न पीएचसी और सीएचसी शामिल हैं।

इस विस्तृत व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक आसानी से टीकाकरण की सुविधा पहुंच सके।

HPV वैक्सीन का महत्व

एचपीवी वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर के प्रमुख कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से सुरक्षा प्रदान करती है। यह वैक्सीन एक खुराक में ही लंबे समय तक प्रभावी सुरक्षा देने में सक्षम है।

डॉ. राकेश प्रताप ने बताया कि यह टीका न केवल कैंसर के जोखिम को कम करता है, बल्कि महिलाओं में मृत्यु दर को भी घटाने में सहायक है। इसके माध्यम से दीर्घकालिक स्वास्थ्य परिणामों में सुधार संभव है।

पात्रता और आवश्यक दस्तावेज

टीकाकरण के लिए पात्रता निर्धारित करते हुए उन्होंने बताया कि वही किशोरी इस वैक्सीन के लिए पात्र होगी, जिसने टीकाकरण के दिन तक 14 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो

अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे टीकाकरण से पहले अपनी बेटियों की जन्म तिथि का सत्यापन स्कूल रिकॉर्ड, आधार कार्ड या अन्य आधिकारिक दस्तावेजों के माध्यम से अवश्य कर लें।

अभिभावकों से अपील

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे इस अभियान को गंभीरता से लें और अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण करवाएं।

डॉ. प्रताप ने कहा कि यह टीका भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाव का एक प्रभावी माध्यम है, इसलिए किसी भी प्रकार की भ्रांतियों या अफवाहों पर ध्यान न दें।

ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच

इस अभियान के माध्यम से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाली किशोरियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

चयनित स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ द्वारा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से टीकाकरण किया जाएगा। साथ ही, आवश्यक दवाएं और उपकरण भी उपलब्ध रहेंगे।

स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में बड़ा कदम

सिरमौर में चलाया जा रहा यह एचपीवी टीकाकरण अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम में सहायक होते हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी मदद करते हैं।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, यह अभियान जिले की किशोरियों के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक मजबूत पहल है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है, इसलिए सभी पात्र किशोरियों को इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए।