हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसी कड़ी में रोजगार कार्यालयों के माध्यम से समय-समय पर रोजगार मेलों और कैंपस साक्षात्कारों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के आधार पर नौकरी प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।
📊 3 वर्षों में 841 युवाओं को मिला रोजगार
जिला सिरमौर में पिछले तीन वर्षों के दौरान रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है। जिला रोजगार अधिकारी देविंद्र सिंह के अनुसार, इस अवधि में 28 अलग-अलग कंपनियों ने रोजगार कार्यालयों और उप-रोजगार कार्यालयों के माध्यम से 86 कैंपस साक्षात्कार आयोजित किए, जिनके जरिए कुल 841 युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला।
📅 वर्षवार आंकड़े
- 2023: 17 कैंपस साक्षात्कार, 288 युवाओं का चयन
- 2024: 31 कैंपस साक्षात्कार, 302 युवाओं को रोजगार
- 2025: 38 कैंपस साक्षात्कार, 251 युवाओं का चयन
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि हर वर्ष रोजगार के अवसरों में निरंतर वृद्धि हो रही है और अधिक से अधिक युवाओं को लाभ मिल रहा है।
🏢 रोजगार मेले भी बन रहे सहारा
वर्ष 2024 में जिला सिरमौर के कफोटा में एक बड़े रोजगार मेले का आयोजन किया गया, जिसमें 47 कंपनियों ने भाग लिया। इस मेले में 399 युवाओं का चयन कर उन्हें मौके पर ही नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
यह पहल युवाओं को एक ही मंच पर विभिन्न कंपनियों से जुड़ने का अवसर देती है, जिससे उन्हें तेजी से रोजगार प्राप्त करने में मदद मिलती है।
👩💼 युवाओं का सकारात्मक अनुभव
हाल ही में जिला रोजगार कार्यालय नाहन में आयोजित कैंपस साक्षात्कार में भाग लेने वाली नाहन निवासी प्रीतिका और शिलाई क्षेत्र की सुमन का चयन Sky Merchant International में हुआ।
दोनों ने बताया कि सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही इस सुविधा से उन्हें घर के नजदीक ही रोजगार का अवसर मिला है, जिसके लिए उन्होंने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।
🔮 आगे भी जारी रहेंगे प्रयास
जिला रोजगार अधिकारी देविंद्र सिंह ने बताया कि भविष्य में भी रोजगार कार्यालयों के माध्यम से इस तरह के कैंपस साक्षात्कार और रोजगार मेले आयोजित किए जाते रहेंगे। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।